
दरअसल, डिस्पेंसरी पर बिजली निगम का करीब 60 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया है। बिल का भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया गया। डिस्पेंसरी की ओर से चिकित्सा अधिकारी के नाम से पिछले साल जून माह में कनेक्शन लिया था। लेकिन कनेक्शन लेने के बाद से आज तक बिल का भुगतान नहीं किया। इससे बिल का भार बढ़ता रहा और 60 हजार तक पहुंच गया। जिसका भुगतान विभाग ने नहीं किया तो दिसंबर ने निगम ने कनेक्शन ही काट दिया।
गौरतलब है कि ईएसआईसी की डिस्पेंसरी पूर्व में कालाकुआं में स्टाफ के क्वार्टरों में संचालित हो रही थी। करीब चार करोड की लागत से नई डिस्पेंसरी का निर्माण करवाया गया। इसके बनने के करीब आठ माह तक यह बंद ही पड़ी हुई थी। पिछले माह ही 25 फरवरी को प्रधानमंत्री ने वर्चुअल उद्घाटन किया था।
किया है वैकल्पिक इंतजाम
डिस्पेंसरी का बिजली कनेक्शन कटने के बाद कुछ दिन तो बिना बिजली के ही काम किया गया। लेकिन व्यवस्थाएं गड़बड़ाने लगीं तो पास ही बने ईएसआईसी कार्यालय से बिजली लेकर काम चलाया जा रहा है, जिससे कि मरीजों को परेशानी न हो। ओपीडी में आ रहे 150 मरीज ईएसआईसी की नई डिस्पेंसरी बनने के बाद ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन यहां पर डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। वर्तमान में यहां पर दो ही चिकित्सक कार्यरत हैं। इसके चलते बहुत से मरीजों को एमआईए के ईएसआईसी हास्पिटल में रैफर किया जा रहा है। इसके लिए प्रतिदिन अलवर शहर से गाडी से मरीजों को एमआईए भेजा जाता है। --
----- डिस्पेंसरी पर करीब 60 हजार का बिल बकाया है, बिल नहीं भरने पर कनेक्शन काट दिया गया है। पैसा जमा होने पर कनेक्शन शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर माह से ही कनेक्शन कटा हुआ है।
अखिलेश अग्रवाल, एईएन, लाल डिग्गी, अलवर