अलवर

इस बार नहीं भरेगा भर्तृहरि और पांडुपोल का मेला

अलवर में प्रतिवर्ष भरने वाला बाबा भर्तृहरी और पांडुपोल का मेला इस बार कोरोना ने के चलते नहीं भर पाएगा । कोरोना संक्रमण की वजह से जिले भर में समस्त धार्मिक स्थल 31 अगस्त तक पूर्ण रूप से बंद है तथा अनलॉक टू की पालना ग्राम पंचायत के द्वारा की जा रही है। जिसके चलते इस बार 25 अगस्त को भरने वाला पांडुपोल का मेला नहीं भरेगा।
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Updated: 7 Aug 2020, 8:39 PM IST
इस बार नहीं भरेगा भर्तृहरि और पांडुपोल का मेला
इस बार नहीं भरेगा भर्तृहरि और पांडुपोल का मेला

अलवर में प्रतिवर्ष भरने वाला बाबा भर्तृहरी और पांडुपोल का मेला इस बार कोरोना ने के चलते नहीं भर पाएगा । कोरोना संक्रमण की वजह से जिले भर में समस्त धार्मिक स्थल 31 अगस्त तक पूर्ण रूप से बंद है तथा अनलॉक टू की पालना ग्राम पंचायत के द्वारा की जा रही है। जिसके चलते इस बार 25 अगस्त को भरने वाला पांडुपोल का मेला नहीं भरेगा। इसके अगले दिन 26 अगस्त को भरतरी का मेला भी इस बार नहीं भरेगा। पांडुपोल के मेले के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में ही 25 अगस्त का राजकीय अवकाश घोषित किया जा चुका है।
मेले में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देशभर से श्रद्धालु आते हैं और मनोकामनाएं पूरी होने पर सवामणी सहित अन्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

प्रतिवर्ष मेले से 1 माह पूर्व मेला स्थल पर तैयारियां शुरू हो जाती हैं लेकिन इस बार ग्राम पंचायत माधोगढ़ के क्षेत्र भरथरी धाम पर किसी भी प्रकार की तैयारी अभी तक नहीं हो पाई है । कोविड-19 के चलते हुए श्रद्धालु भी मंदिर में नहीं जा रहे हैं। के चलते मेला स्थल पर चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ है।
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष भरतरी का मेला भाद्र शुक्ल पक्ष अष्ठमी को भरता है । ग्रामीणों में बाबा भरतरी के प्रति आस्था होने के कारण दुधारू पशुओं के दूध का भोग लगाकर पकवान बनाए जाते हैं।
सरपंच सुशीला सैनी ने जिला प्रशासन को सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र भेजकर प्रशासनिक विभाग के द्वारा भी मेला स्थगित करने की सूचना प्रकाशित की जाए। जिससे अन्य प्रांतों से आने वाले श्रद्धालु परेशान नहीं हो।
पूर्व प्रधान शिव लाल गुर्जर ने बताया इस बार श्रद्धालु अपने घर से ही अखंड ज्योत जलाकर अष्टमी को पूजा अर्चना कर दाल बाटी चूरमा का पकवान बनाकर नाथ संप्रदाय के लोगों में वितरण करेंगे।

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