तीनों आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहे
अलवर. फर्जी डिग्री-डिप्लोमा प्रकरण में राजस्थान सहित उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार छह विश्वविद्यालयों के नाम सामने आ चुके हैं। मामले में अभी और भी कई विश्वविद्यालय और कॉलेजों के नामों का खुलासा हो सकता है। इसके लिए पुलिस फर्जी डिग्री दिलाने वाले गिरोह के सदस्यों से गहनता से पूछताछ में जुटी है।
अलवर के एनईबी थाना पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी डिग्री और डिप्लोमा दिलाने वाले बिहार के अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य सुधीर कुमार यादव निवासी चिचोड़ा तन शाहजहांपुर थाना विक्रम जिला पटना-बिहार, सुजीत कुमार मिश्रा निवासी रामबाग मोहल्ला जिला पूर्णिया-बिहार और सचिन कुमार सिंह निवासी बिशनपुर पकरी राधा-कृष्ण कॉलोनी थाना बेरुर जिला पटना-बिहार को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से काफी मात्रा में भरी और खाली उत्तर पुस्तिकाएं, डिग्री, डिप्लोमा, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और कई निजी विश्वविद्यालयों के मुहर व दस्तावेज आदि मिले। तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। जिन्हें सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस प्रकरण में पुलिस की पड़ताल में सनराइज विश्वविद्यालय अलवर, ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू, श्रीकृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर-मध्यप्रदेश, सरदार पटेल विश्वविद्यालय बालाघाट-मध्यप्रदेश, भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय बिहार और जेएस विश्वविद्यालय मैनपुरी-उत्तरप्रदेश के नाम सामने आए हैं। गिरोह के सदस्यों ने अभी पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है। ऐसे में अन्य कई विश्वविद्यालय और कॉलेजों के नाम भी उजागर हो सकते हैं। हालांकि अब तक गिरोह के सदस्यों के पास फिलहाल छह विश्वविद्यालयों की डिग्री-डिप्लोमा, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, लेटर पैड और मुहर आदि मिले हैं।
उधर, एनईबी थानाधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि गिरोह के सदस्यों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक की पड़ताल में राजस्थान सहित उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार की छह यूनिवर्सिटी के नाम सामने आए हैं। अन्य के बारे में गहनता से पड़ताल की जा रही है।