
अलवर. बहुचर्चित फलाहारी यौन शोषण प्रकरण में शनिवार को अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश (संख्या-एक) राजेन्द्र शर्मा की कोर्ट में अंतिम बहस शुरू हुई। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की बहस पूरी कर ली गई है तथा बचाव को अंतिम बहस के लिए 18 सितम्बर की तारीख पेशी देकर पाबंद किया है।
अपर लोक अभियोजक योगेन्द्र सिंह खटाना ने बताया कि प्रकरण में 12 सितम्बर को बचाव पक्ष की ओर से गवाहों के बयान पूरे होने के बाद न्यायाधीश ने अंतिम बहस के लिए 15 सितम्बर की तारीख पेशी तय की। जिसके तहत शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से उनकी तरफ से बहस शुरू की गई। अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने बचाव पक्ष को 18 सितम्बर को अंतिम बहस के लिए पाबंद किया है। इस दौरान आरोपी फलाहारी भी न्यायालय में पेश हुआ।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर-छत्तीसगढ़ निवासी एक युवती ने 20 सितम्बर 2017 को फलाहारी के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। प्रकरण में अलवर पुलिस ने फलाहारी को 23 सितम्बर 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से ही आरोपी फलाहारी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। प्रकरण में न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से 30 और बचाव पक्ष की ओर से 7 गवाहों के बयान कराए गए हैं।
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सरिस्का में मादा मोर का शिकार
अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना की अकबरपुर रेंज के कोर एरिया स्थित पैंतपुर के सरकंडा बड़ के पास जहरीला चुग्गा डाल मादा मोर का शिकार करते एक शिकारी को गिरफ्तार किया है।
सरिस्का बफर जोन के एसीएफ आनन्द कुमार ने बताया कि सुक्गल निवासी प्रमोद कुमार पुत्र भोला नट ने शुक्रवार को अकबपुर रेंज के सरकंडा बड़ के पास जहरीला चुग्गा डाल मादा मोर का शिकार किया। मुखबिर की सूचना पर सरिस्का वनकर्मियों ने मौके से शिकारी प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया। वनकर्मियों ने शिकार के पास से सीमेंट के खाली कट्टे से मादा मोर का शव बरामद किया। शिकारी ने पहले तो वनकर्मियों को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन वनकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सरिस्का प्रशासन शिकारी से पूछताछ में जुटा है।