वीडियो कॉलिंग पर महिला प्रिंसिपल से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। उसके फोन नंबर पर मुंबई पुलिस लिखा था, डीपी पर लोगो भी मुबई पुलिस का था।
हर के एक निजी स्कूल की महिला प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट करने का मामला सामने आया है। वीडियो कॉलिंग पर महिला प्रिंसिपल से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। उसके फोन नंबर पर मुंबई पुलिस लिखा था, डीपी पर लोगो भी मुबई पुलिस का था। सतर्कता से महिला प्रिंसिपल साइबर ठगी का शिकार होने से बच गई। महिला प्रिंसिपल ने नाम नहीं छापने की शर्त पर पत्रिका को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
शनिवारसुबह 8.30 बजे मैं स्कूल में काम कर रही थी। मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा- मैं टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) से राहुल कुमार बोल रहा हूं। आपके मोबाइल नंबर से कुछ अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। आप मुबई पुलिस से क्लेरिफिकेशन लेटर ले लो, नहीं तो 2 घंटे में आपके फोन की सभी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। इस पर मैंने बोला-ऐसा कैसे हो सकता है।
तब कॉल करने वाले ने कहा- मैडम, हो सकता है आपने कभी किसी को अपना आधार कार्ड दिया हो और वह व्यक्ति आपकी आईडी को अवैध गतिविधियों में काम में ले रहा हो। हम आपकी कॉल को मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर रहे हैं, आप उनसे बात कीजिए। इसके बाद कॉल करने वाले ने किसी दूसरे व्यक्ति से बात कराई। उसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी अजय कुमार बंसल बताया।
खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बता रहे व्यक्ति ने मुझसे कहा कि मैं आपकी संतुष्टि के लिए आपके नंबर पर अपना आईडी कार्ड भेज रहा हूं। सेंसेटिव मामला है। आपके पास से किसी की आवाज आ रही है, कोई आपके आसपास है तो नहीं? आप दरवाजा लगा दीजिए। अपना आधार कार्ड भेजो। उसकी बातों में आकर मैंने आधार कार्ड भेजा, तो उस व्यक्ति ने कुछ देर तक मुझे बातों में उलझाए रखा।
कभी बोलता आपका आधार कार्ड सीधा नहीं आ रहा, तो कभी बोलता आपका एड्रेस समझ में नहीं आ रहा है, आप बोल कर बताएं। इसके तुंरत बाद उसने मेरे मोबाइल पर एक प्रिंटेड लैटर भेजा। जिसमें ऊपर की तरफ मेरा नाम, एड्रेस और आधार नंबर लिखा हुआ था और नीचे लिखा था कि नरेश गोयल मनी लॉड्रिंग केस में आपको गिरतार किया जाता है। मैं बोली अरे कैसे, जब मैंने कुछ किया ही नहीं तो तुम ऐसा कैसे कर सकते हो। तब उसने कहा कि मैडम आपकी स्कूटी कोई ओर लेकर गया हो और एक्सीडेंट हो जाए तो पुलिस तो आपको ही पकड़ेगी ना।
फर्जी पुलिस अधिकारी जब मुझसे बात कर रहा था तो उस दौरान मुझे गिरतार करने के संदेश की रिकॉडिंग भी सुनाई दे रही थी। इसमें मेरा नाम लेकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत गिरतार करने के आदेश दिए जा रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई पुलिस का आला अधिकारी वायरलेस के माध्यम से मुझे तुरंत गिरतार करने का आदेश दे रहा हो। इस दौरान फर्जी पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में अब तक 43 लोगों को गिरतार किया जा चुका है। अब 44वीं गिरतारी आपकी होनी है। हमारे पास आपको तुरंत गिरतार करने के आदेश हैं।
बातचीत के दौरान फोनकर्ता ब्रेनवॉश कर मेरे अंदर डर पैदा कर रहा था। वह बोला कि अगर आपने ये बात किसी अन्य को बताई तो आपको 3 साल की सजा के साथ जुर्माना देना होगा। फिर बोला- हम कुछ देर जरूरी इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं, आपको फिर से कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। उसके इतना कहते ही मैंने फोन काट दिया और तुरंत अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मेरे बैंक खातों में जमा राशि को मेरे पति के खातों में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद मेरे पति ने मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति को फोन कर धमकाया तो उसने कहा कि उसने किसी को फोन कर कोई सवाल-जवाब नहीं किए। मेरे पति ने थाने में मामला दर्ज कराने की धमकी दी तो उसने फोन काट दिया।