अलवर

#Five murder case : मासूमों को मौत के घाट उतारकर मंडी मोड़ पर धोए थे खून से सने हाथ

बनवारी के माता-पिता सहित बनवारी की पत्नी संतोष से बंद कमरे में गहन पूछताछ की। गांव में पूरे दिन पुलिस व उसके मुखबिर हर गतिविधि पर नजर बनाए रहे।
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Updated: 6 Oct 2017, 12:46 PM IST
alwar police got important footage
alwar police got important footage

अलवर.

दिल दहला देने वाले चार मासूमों सहित पांच लोगों के हत्याकांड में पुलिस के हाथ फुटेज लगा है। घटना को अंजाम देने के बाद कातिलों ने मंडी मोड आकर एक प्याऊनुमा टंकी पर खून से सने हाथ धोए थे। यहां से कुछ दूरी पर स्कूटी छोड़कर कृषि उपज मंडी की दीवार के सहारे-सहारे हत्यारे रेलवे स्टेशन की तरफ निकल गया। पुलिस इसे अहम सुराग मान रही है।

शिवाजी पार्क 4 'क में एक ही परिवार के पांच जनों की हत्या के बाद गुरुवार को पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खंगालते-खंगलाते मंडी मोड पहुंची। यहां एक दुकान पर लगे कैमरों की जांच ने पुलिस के रौंगटे खड़े कर दिए। कैमरों में साफ नजर आया है कि हत्या के बाद रात 1 बजकर 48 मिनट पर बनवारी के घर से चुराई स्कूटी से हत्यारे मंडी मोड़ पहुंचे। यहां एक आरोपित स्कूटी से उतर गया और टंकी पर जाकर खून से सने हाथ धोने लगा। वहीं, दूसरा आरोपित स्कूटी को कुछ आगे ले गया और इम्मी ट्रांसपोर्ट के पास छोड़ कृषि उपज मंडी की दीवार की ओट में छिपता-छिपाता वापस मंडी मोड़ पहुंचा और दीवार फांदकर सड़क पर आया। यहां उसने भी टंकी पर खून से सने हाथ व मुंह धोए। इसके बाद दोनों हत्यारे पैदल-पैदल स्टेशन की ओर निकल गए। उधर, घटना के तीसरे दिन पुलिस उपाधीक्षक जयसिंह नाथावत व शिवाजी पार्क थाना प्रभारी कठूमर के गांव गारू पहुंचे और बनवारी के माता-पिता सहित बनवारी की पत्नी संतोष से बंद कमरे में गहन पूछताछ की। गांव में पूरे दिन पुलिस व उसके मुखबिर हर गतिविधि पर नजर बनाए रहे।

नहीं लगा मुकेश का सुराग


पुलिस को तीसरे दिन भी मृतक के छोटे भाई मुकेश का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। मुकेश की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित स्थानों पर भेजी हैं। उसके परिजनों से भी पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ की, लेकिन अभी उसका पता नहीं चला है।

पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे मौके पर


मंडी मोड स्थित एक दुकान में लगे कैमरों में हत्यारों की तस्वीर कैद होने की सूचना पर दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश भी अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने साइबर शाखा के अधिकारियों के साथ दुकान को बंद करा करीब एक घंटे तक विभिन्न एंगलों से कैमरे में कैद हुई आरोपितों की करतूत देखी। पुलिस यहां से कुछ फुटेज को अपने साथ भी ले गई। इससे पूर्व आरोपितों की तलाश में खुद जिला पुलिस अधीक्षक रेलवे स्टेशन भी पहुंचे। यहां कैमरे नहीं मिलने पर उन्होंने स्टेशन के स्टॉल संचालकों से संदिग्धों के बारे में पूछताछ की।

घर से बाहर रहता था मुकेश


बनवारी का छोटा भाई मुकेश मनमौजी है। वह मंडलियों में तबला व हारमोनियम बजाता है। पड़ोसियों ने बताया कि मुकेश एक-एक, दो-दो महीने तक घर से गायब रहता था। जब कभी वह घर आता तो ढेर सारा सामान साथ लेकर आता। सामान भी वह थोड़ा बहुत नहीं बल्कि रिक्शा भरकर लाता था। रिक्शे में बड़े-बड़े कर्टन होते थे, जिनमें खाने-पीने का सामान भरा रहता था।

फिर गारू पहुंची पुलिस

घटना के तीसरे दिन एक बार फिर पुलिस कठूमर के गांव गारू पहुंची और मृतक बनवारी के माता-पिता से बंद कमरे में करीब एक घंटे पूछताछ की। पुलिस अधिकारी यहां शोक सभा में भी शमिल हुए। बाद में उन्होंने गांव पहुंची बनवारी की पत्नी संतोष से भी अकेले में करीब पौन घंटे पूछताछ की। गौरतलब है कि संतोष दो दिन से अपने बहन के घर नगर (भरतपुर) में थी। यहां उसका उपचार भी चल रहा था। गुरुवार को वह अपनी बहन के घर पर रही। दोपहर बाद वह गांव पहुंची, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की।

बनवारी व संतोष के मोबाइल मिले

घटना के बाद मौके से गायब मिले बनवारी व उसकी पत्नी संतोष के मोबाइल पुलिस को मिल गए हैं। यह मेाबाइल संतोष के भाई कुलदीप के पास थे। इनमें से एक मोबाइल से घटना के बाद पड़ोसी गुप्ता ने फोन कर बनवारी के रिश्तेदारों को सूचित किया था। पुलिस के अनुसार दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही हैं।

गली में दहशत

घटना के बाद से शिवाजी पार्क 4 'क की उस गली में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिसमें यह हृदयविरादक घटना हुई। घटना के बाद से गली के लोग दहशत में हैं। उन्होंने बच्चों का भी गली में घूमना व खेलना बंद कर दिया है। गली में रहने वाले लोगों की जुबान तो जैसे तालुका से चिपक गई है। वह ना तो घटना के संदर्भ में कोई बात करना चाहते हैं और ना कुछ बताना। बस सबकी एक ही इच्छा है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार कर घटना से पर्दा उठाए।

यूं चला 9 मिनट का घटनाक्रम

पुलिस मामले के खुलासे को लेकर पूरी मेहनत कर रही है। हमें भरोसा है कि जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर

Updated on:
6 Oct 2017, 12:46 PM IST
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