राजस्थान के अलवर शहर से नगर निगम प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
राजस्थान के अलवर शहर से नगर निगम प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। शहर के बुध विहार स्थित कांजी हाउस में पिछले चार दिनों से एक लोडिंग टेंपो में चार मृत गोवंश लावारिस हालत में पड़े-पड़े सड़ते रहे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इस लापरवाही के कारण पूरे इलाके में इतनी भयंकर दुर्गंध फैल गई कि आसपास रहने वाले सैकड़ों परिवारों का खाना-पीना और सोना दूभर हो गया है। रविवार को जब इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूटा, तब जाकर कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन हरकत में आया।
लोगों का कहना है कि परिसर के अंदर खड़े एक टेंपो में चार मृत गायों को भरकर छोड़ दिया गया था। चार दिनों से चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण उठने वाली सड़ांध अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। बदबू इतनी खतरनाक है कि पूरे इलाके के अंदर फैल चुकी है। आलम यह है कि लोग ठीक से खाना तक नहीं खा पा रहे और रात भर बदबू के कारण नींद नहीं आती। रविवार को मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली बिलकुल सुस्त है। कांजी हाउस की दुर्दशा कोई नई बात नहीं है। मानसून के दौरान भी यहां जलभराव और गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिसकी शिकायतें कई बार की जा चुकी हैं, लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं निकलता। अब तो हद ही हो गई कि मृत पशुओं को खुले वाहन में लादकर चार दिन तक छोड़ दिया गया। यह न केवल पशुओं के प्रति क्रूरता है, बल्कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। संक्रमण फैलने के डर से अब मोहल्ले के लोग डरे हुए हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर निगम ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस स्थिति की जानकारी मिली, तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक दिन पहले ही कांजी हाउस का दौरा किया था और तब ऐसी स्थिति नहीं थी। कमिश्नर के इस दावे पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि अगर उन्होंने दौरा किया था, तो उन्हें वहां खड़ा सड़ांध मारता टेंपो क्यों नहीं दिखा? फिलहाल, रविवार दोपहर विरोध के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत गोवंश को वहां से हटवाकर निस्तारित किया है, लेकिन इस घटना ने स्वच्छता के दावों की पोल खोलकर रख दी है।