अलवर जिले के सरिस्का टाइगर रिजर्व के जंगलों में लगातार बाघ और बाघिनों की साइटिंग से पर्यटकों में उत्साह बना हुआ है। बाघों के खुले तौर पर नजर आने से पर्यटक खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।
अलवर जिले के सरिस्का टाइगर रिजर्व के जंगलों में लगातार बाघ और बाघिनों की साइटिंग से पर्यटकों में उत्साह बना हुआ है। बाघों के खुले तौर पर नजर आने से पर्यटक खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। बुधवार सुबह बफर जोन में हुई साइटिंग के दौरान पर्यटकों ने बाघ ST-18 को करीब से देखा। यह टाइगर जंगल से निकलकर ट्रैक पर आ गया था और काफी समय तक ट्रैक के आसपास ही घूमता रहा।
ट्रैक पर अचानक बाघ के सामने आ जाने से जिप्सी में सवार पर्यटकों को कुछ देर के लिए डर जरूर लगा, लेकिन बाघ के शांत व्यवहार के चलते कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी। कुछ समय बाद बाघ वापस जंगल की ओर चला गया। इस रोमांचक अनुभव ने पर्यटकों के सफारी को यादगार बना दिया।
वन विभाग के अनुसार वर्तमान में सरिस्का टाइगर रिजर्व में करीब 50 बाघ मौजूद हैं। बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनका प्राकृतिक दायरा भी सरिस्का से लगे आसपास के जंगलों तक फैल रहा है। शहर के नजदीक स्थित बफर जोन में लगातार टाइगर की साइटिंग होने से पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि सरिस्का में सफल संरक्षण प्रयासों की भी पुष्टि हो रही है।