अब तक महिलाओं को राज्य और जिले में नौकरियों में आरक्षित स्थान मिलते रहे हैं। लेकिन अब सरकारी महाविद्यालयों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को आगामी सत्र 2024-25 में भी 30 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
अब तक महिलाओं को राज्य और जिले में नौकरियों में आरक्षित स्थान मिलते रहे हैं। लेकिन अब सरकारी महाविद्यालयों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को आगामी सत्र 2024-25 में भी 30 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
इसके लिए आयुक्तालय के उपसचिव बृजमोहन नोरिया ने आदेश जारी किए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ा जा सके। प्रदेशभर में अधिकतर महिलाएं केवल कक्षा 10 व कक्षा 12 तक ही पढ़ाई कर पाती हैं। ये स्थिति अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में होती है। उसके बाद विवाह कर दिया जाता है। इस लाभ के जरिए छात्राएं आगे बढ़ेगी।
चिकित्सा, तकनीकी और विधि शिक्षा में भी दिया आरक्षण : आयुक्तालय ने महाविद्यालय में कुल सीटों का 30 फीसदी आरक्षण छात्राओं को देने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि प्रदेश में महिलाओं को उच्च शिक्षा में बढ़ावा देना है तो उन्हें चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और विधि शिक्षा में आरक्षण देने का प्रावधान किया।
शिक्षाविद डॉ सतवीर यादव ने बताया कि एनएलयू जोधपुर में राजस्थान के निवासियों को अभी आरक्षण लागू नहीं हुआ है। वहां आरक्षण की शुरुआत राज्य सरकार को जल्द से जल्द करनी चाहिए ताकि राजस्थान के मूल निवासियों को राहत मिल सके। इसके साथ ही राज्य सरकार को व्यावसायिक शिक्षा महाविद्यालयों में महिला आरक्षण देकर के उनको लाभान्वित किया जाना चाहिए।