अलवर जिले के ग्रामीण अंचलों तक राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाने और आमजन की समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से आज, मंगलवार 28 अप्रैल को 'ग्राम रथ अभियान' का भव्य आगाज हुआ।
अलवर जिले के ग्रामीण अंचलों तक राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाने और आमजन की समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से आज, मंगलवार 28 अप्रैल को 'ग्राम रथ अभियान' का भव्य आगाज हुआ। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने आज मिनी सचिवालय से पांच विशेष रूप से तैयार 'ग्राम रथों' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ जिले की पांच विधानसभा क्षेत्रों—अलवर ग्रामीण, कठूमर, रामगढ़, थानागाजी और राजगढ़-लक्ष्मणगढ़—में सरकारी योजनाओं का अलख जगाएंगे।
जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि यह अभियान ग्रामीण विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक ग्राम रथ प्रतिदिन 4 से 5 ग्राम पंचायतों का दौरा करेगा। इन रथों के माध्यम से कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंचाई जाएगी। प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रथों में एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिसके जरिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के संदेश और जनसंवाद कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा रहा है। साथ ही, लोक कलाकारों द्वारा 'कला जत्था' के माध्यम से संध्या चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता 'सुझाव पेटिका' है। प्रत्येक रथ के साथ एक सुझाव पेटिका रखी गई है, जिसमें ग्रामीण अपनी समस्याएं और विकास कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव डाल सकते हैं। प्रशासन इन सुझावों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार करेगा। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया है कि अभियान से जुड़े सभी 13 विभागों को प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इसका लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके।
अभियान के दौरान संपर्क पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम को देखते हुए 'समर कंटीजेंसी' कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
आज पहले दिन इन रथों ने रामगढ़, थानागाजी, अलवर ग्रामीण, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ और कठूमर विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में पहुंचना शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान सीधे संवाद के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करेगा।