
- शहर में 110 करोड़ की लागत से 98 किमी में डाली जाएगी सीवर लाइन
- अमृत योजना के तहत हो रहा है ये काम, इसलिए प्रदेश सरकार का इस पर असर नहीं होगा
प्रदेश में सरकार बदलते ही अब गुजरात की कंपनियों की एंट्री होने लगी है। नगर निगम में भी ऐसा ही हुआ है। सीवर लाइन डालने का काम नगर निगम की ओर से गुजरात की कंपनी को दिया गया है जो कभी भी काम शुरू कर देगी। बताया जा रहा है कि इस काम पर प्रदेश सरकार की रोक नहीं लग सकेगी। क्योंकि ये प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। ऐसे में यह दौड़ेगा। हालांकि इसके लिए निगम को पहले सरकार से पूछना पड़ेगा कि काम शुरू करवाएं या नहीं।
अमृत योजना के दूसरे चरण में शहर के वार्ड नंबर 4, 8 से 16 तक, 19 से 23 तक, 38, 39, 46, 47 व 61 वार्ड में सीवर लाइन डाली जाएगी। सरकार की ओर से ये कार्य नगर निगम को दिया गया है। यानी निगम इसकी मॉनिटरिंग करेगा। निगम ये कार्य गुजरात की एक कंपनी से करवाएगा। बताते हैं कि गुजरात की कंपनियों के पास अनुभव अधिक होता है। काम भी जल्दी होता है। इसी बीच प्रदेश सरकार ने नए कार्यों के टेंडर करने, वर्क ऑर्डर जारी आदि न करने पर रोक लगाई थी। बताते हैं कि ये कार्य इस आदेश के दायरे से बाहर है। ऐसे में काम कभी भी शुरू हो जाएगा। नगर निगम के एक बड़े इंजीनियर का कहना है कि गुजरात की कंपनी ये कार्य करेगी। इसका कार्य शुरू करवाने के लिए उच्चाधिकारियों या सरकार से पूछा जाएगा। उसके बाद जल्द काम शुरू करवाएंगे।
वार्डों के कामों की गति भी बढ़ाएं
शहर के कई वार्डों में सड़क, नालियों के काम चल रहे हैं, जो अगस्त-सितंबर माह तक पूरे हो जाने चाहिए थे लेकिन अब तक नहीं हो पाए। बताते हैं कि एक ही ठेकेदारों को कई काम दिए हुए हैं। कुछ पार्षदों का कहना है कि नगर निगम को वार्डों के काम भी जल्द पूरे करवाने चाहिए। ठेकेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। निर्माण विभाग के इंजीनियर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। मॉनिटरिंग होती तो समय पर काम पूरा होता।