यासीन खान की हत्या को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। करीब आठ माह पहले एक शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के दौरान यासीन के भाई ने बेलाका निवासी एक लड़के को थप्पड़ मार दिया था। जिससे मूंगस्का निवासी यासीन पक्ष और बेलाका निवासी अकरम पक्ष के बीच रंजिश पैदा हो गई। […]
यासीन खान की हत्या को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। करीब आठ माह पहले एक शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के दौरान यासीन के भाई ने बेलाका निवासी एक लड़के को थप्पड़ मार दिया था। जिससे मूंगस्का निवासी यासीन पक्ष और बेलाका निवासी अकरम पक्ष के बीच रंजिश पैदा हो गई।
हालांकि शादी समारोह के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच समझाइश करा दी गई थी, लेकिन अकरम पक्ष के लोगों ने यासीन के भतीजे इरसाद पर हमला कर पैर तोड़ दिए थे। जिसका प्रकरण कोतवाली थाने में दर्ज हुआ। इसके बाद यासीन पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के शमीम पुत्र अक्का खां के पैर तोड़ दिए। जिसका प्रकरण बगड़ तिराहा थाने में दर्ज हुआ। इसी रंजिश के चलते अकरम पक्ष के बदमाशों ने जानलेवा हमला कर यासीन की निर्मम हत्या कर दी।
हत्या की घटना के बाद पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। पहले भी वार-पलटवार हुआ था। ऐसे में पुलिस को शक है कि इस हत्या का बदला लेने के लिए दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला हो सकता है। इस वजह से पुलिस ने दोनों पक्षों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। पूर्व में जो घटनाएं हुई, उसमें अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
यासीन पहलवान की मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सोशल मीडिया पर दिनभर उनकी हत्या की खबरें चलती रहीं। वहीं, मूंगस्का कब्रिस्तान में काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। देश शाम तक यासीन के शव को अलवर नहीं लाया गया।