
शनिवार को अलवर शहर का प्रताप ऑडिटोरियम एक बेहद ऐतिहासिक और बड़े बदलाव का गवाह बना। मौका था देश की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक के उद्घाटन का और साथ ही स्थानीय युवाओं के रोजगार के बड़े उत्सव का। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला भी मंच पर मौजूद रहीं, जिन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पचपदरा, बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और लाइव स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया, जिसे देखने के लिए ऑडिटोरियम में भारी भीड़ उमड़ी।
एक तरफ जहां प्रदेश को इतनी बड़ी औद्योगिक सौगात मिली, वहीं दूसरी तरफ अलवर के हजारों घरों में खुशियों का दीया जल उठा। मुख्यमंत्री रोजगार मेले के तहत केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के लिए चयनित हुए 2043 युवाओं को मंच से अपने हाथों से आधिकारिक नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) बांटे।
जैसे ही युवाओं के हाथों में उनके करियर का पहला सरकारी लेटर आया, नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं और उनके साथ आए परिजनों की आंखें खुशी से छलक आईं। कार्यक्रम में आए युवाओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनका सरकारी नौकरी पाने का बरसों पुराना सपना आखिरकार सच हो गया है। उन्होंने इसके लिए सरकार का आभार जताया और कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा और सबसे यादगार दिन है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभी नवनियुक्त युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं से कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ एक आजीविका नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा करने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने सभी से पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और अटूट निष्ठा के साथ देश व राज्य के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया। जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने भी चयनित युवाओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें जिम्मेदारी से काम करने की सीख दी।
पचपदरा में स्थापित यह नया प्लांट भारत का पहला ऐसा ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसे पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों से तैयार किया गया है। लगभग ₹79,450 करोड़ के भारी बजट से बना यह विशाल प्रोजेक्ट राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल प्रदेश में ईंधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति सुधरेगी, बल्कि आने वाले समय में लाखों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।