अलवर जिले के 76 ऐसे युवा हैं, जो अब नौकरी करने की बजाय खुद नौकरी देने का कार्य करेंगे। इनके आइडिया सरकार को भा गए, जिसके लिए इनको अनुदान मिला है।
अलवर जिले के 76 ऐसे युवा हैं, जो अब नौकरी करने की बजाय खुद नौकरी देने का कार्य करेंगे। इनके आइडिया सरकार को भा गए, जिसके लिए इनको अनुदान मिला है। यह नवाचार करेंगे। इसका लॉन्चिंग पैड बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय व नवीन स्कूल में बनाया गया है। यहां दिन-रात यह युवा अपने आइडिया को निखार रहे हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इनको मंच दिया है।
राजस्थान में अब तक साढ़े सात हजार से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं, जिसमें अलवर के 75 आइडिया शामिल हैं। राज्य सरकार की ओर से इनको अनुदान दिया गया है। कुछ के चयन की प्रक्रिया चल रही है। लॉन्चिंग पैड की को-ऑर्डिनेटर अनिर्वाण बनर्जी ने बताया कि स्टार्टअप के प्रति युवाओं का अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। उनके शानदार आइडिया हैं, जिस पर काम चल रहा है। यह युवा अब दूसरे युवाओं को नौकरी देने का कार्य करेंगे।
शहर में स्टार्टअप पर काम करने के लिए दो लॉन्चिंग पैड बनाए गए हैं। अकेले बाबू शोभाराम कला कॉलेज में चार स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। यहां पर नवाचार के लिए पूरा सेटअप लगाया हुआ है। वहीं, नवीन स्कूल में इस कार्य के लिए कमरा तो अलॉट हो गया, पर सेटअप नहीं लगाए गए। हालांकि एक साल के इंतजार के बाद यहां पर फर्नीचर आ गया है, जिसको लगाना बाकी है। को-ऑर्डिनेटर निखिल ने बताया कि अभी केवल स्कूलों में सेशन लिए जा रहे हैं, सेटअप लगते ही काम शुरू हो जाएगा।
विभाग की ओर से ई-स्टार्टअप के लिए डोेमेन एक्सपर्ट नियुक्त किए गए हैं, जो कि स्कूल व कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही आउटरीच सेशन भी लेते हैं। नए आयडिया व इनोवेशन के लिए प्रेरित करते हैं - नीतू बसवाल, डीसीपी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग