सीजीएसटी की टीम ने अलवर जिले में बोगस फर्म बनाकर बिलिंग करने के मामले में और बड़े मामले सामने आने की संभावना पर काम करना शुरू कर दिया है। सीजीएसटी की केन्द्रीय टीम ने जिले में कई ऐसी बोगस फर्मों को सर्च किया है जो इस प्रकार का फर्जी लेन देख दिखाकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाते हैं।
सीजीएसटी की टीम ने अलवर जिले में बोगस फर्म बनाकर बिलिंग करने के मामले में और बड़े मामले सामने आने की संभावना पर काम करना शुरू कर दिया है। सीजीएसटी की केन्द्रीय टीम ने जिले में कई ऐसी बोगस फर्मों को सर्च किया है जो इस प्रकार का फर्जी लेन देख दिखाकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाते हैं।
अलवर जिले के भिवाड़ी सहित एमआईए में कई ऐसी बोगस फर्मों को चिह्नित किया गया है, जो फर्जी इनपुट क्रेडिट पर काम करते हैं। केन्द्रीय जांच टीम ने अलवर जिले में ऐसे फर्जी इनपुट उठाने वाली फर्मों की सूची भेजी है जिस पर गहनता से जांच चल रही है। इसमें कई नामी फर्मे शामिल हैं जिनमें कृषि जिंस का व्यापार करने वाली फर्मे भी हैं। सीजीएसटी संयुक्त आयुक्त कुलदीप सिंह के नेतृत्व में ऐसी फर्मों की जांच तेज हो गई है। इसमें कई बड़े उद्योग व फर्में हैं।
अक्टूबर में हुआ चिह्नित और बढ़ती गई चोरी-
सीजीएसटी की ओर से अलवर के एमआईए में पकड़े गए उद्योगपति अनिल गुप्ता को केन्द्रीय टीम ने अक्टूबर में ही चिह्नित कर लिया था। इस समय इसकी कर चोरी 2 करोड़ की थी। पांच करोड़ से कम की राशि पर गिरफ्तारी नहीं की जाती है। इसी के साथ ही इसकी जांच शुरू हुई लेकिन इसकी फर्जी बिलिंग बढ़ती चली गई। नवम्बर माह में इसकी कर चोरी पांच करोड़ हो गई जिसके साथ ही अनिल गुप्ता की गिरफ्तारी कर ली गई।
पुराने फाइलों की धूल झाडकऱ उनमें हो रही पूछताछ-
सीजीएसटी के अलवर कार्यालय में कई पुराने मामलों में भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके लिए पुराने पेंडिंग मामलों की फाइलों को निकाल कर जांच तेज हो गई है। ऐसे कई बड़े मामले हैं जिनमें वर्षों से कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे सीए भी जांच घेरे में आए हैं जो फर्जी बिलिंग में सहयोग करते हैं।