
अलवर. अवैध खनन की 5.98 लाख रुपए बंधी सहित गिरफ्तार खनिज अभियंता विजय शंकर जयपाल के मामले की जांच के लिएगुरुवार को जांच अधिकारी एवं एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ गणेश नाथ सिद्ध फिर अलवर आए। उन्होंने हसनखां मेवात नगर स्थित खनिज विभाग के कार्यालय के पत्रावलियों का अवलोकन किया। इस दौरान 80 पत्रावलियां संदिग्ध मिली, जिन्हें खनिज अभियंता ने रोक रखा था।
एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक सलेह मोहम्मद ने बताया कि इन पत्रावलियों को रोके जाने के पीछे रिश्वत लेने अथवा रिश्वत की मांग करने का कारण तो नहीं रहा, इसकी जांच के लिए जांच अधिकारी ने गवाहों को तलब किया है। जांच अधिकारी तीन दिन अलवर में रहकर सभी पत्रावलियों की गहनता से जांच करेंगे। गौरतलब है कि खनिज अभियंता विजय शंकर व दो दलालों को गत दिनों एसीबी बीकानेर की टीम ने 5.98 लाख रुपए मंथली के रुपयों सहित गिरफ्तार किया था। दोनों दलाल अलवर के खनन व्यापारियों से अवैध खनन कराने की एवज में मंथली बंधी के रुपए लेकर बीकानेर पहुंचे थे। रोडवेज बस स्टैण्ड पर खनिज अभियंता विजयशंकर जयपाल को जब बंधी की राशि सौंपी तो ब्यूरो के दल ने तीनों को दबोच लिया।
आखिर कहां गया रामू
खनिज अभियंता को रिश्वत लेने में सहयोग करने वाले दलालों में शामिल खैरथल के वार्ड नौ निवासी रामावतार उर्फ रामू खण्डेलवाल का अब तक पता नहीं चला है। घटना के बाद से रामू भूमिगत हो गया है। उसकी तलाश में एसीबी की टीमें कई बार खैरथल पहुंची, लेकिन रामू हाथ नहीं लगा। रामू के घर की तलाशी में एसीबी के हाथ कई अहम सुराग व दस्तावेज लगे। खण्डेलवाल के घर टीम को अलमारी में रखे दो मोबाइल फोन व एक डायरी भी मिली, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई। टीम इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए अभी जांच कर रही है। पुलिस की जांच में अभी आगे और भी लोगों के गिरफ्तार होने की आशंका है।