
राजस्थान के खैरथल-तिजारा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने शुक्रवार को करवाई की। एसीबी चौकी अलवर प्रथम की टीम ने ट्रैप कार्रवाई (trap operation) को अंजाम देते हुए खैरथल-तिजारा जिला स्पेशल टीम (DST) में तैनात कांस्टेबल ब्रजेश और कांस्टेबल ईश्वर सिंह को 2,00,000 रुपये नकद रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी की टीम ने घूस की पूरी रकम मौके से ही बरामद (recovered) कर ली है।
एसीबी के अनुसार परिवादी ने शिकायत (complaint) दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि 21 अक्टूबर को खैरथल-तिजारा डीएसटी प्रभारी गौरव और उनके साथी कांस्टेबल ब्रजेश व ईश्वर सिंह सादे कपड़ों (civil clothes) में उसकी कलाकंद फैक्ट्री पर पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने सबसे पहले कारखाने में लगे सीसीटीवी कैमरे (CCTV cameras) बंद करवा दिए। इसके बाद परिवादी पर नकली कलाकंद बनाने का आरोप मढ़ते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (food department) की टीम को मौके पर बुला लिया, जिसने मिठाई के नमूने (samples) कलेक्ट किए।
कार्रवाई का खौफ दिखाकर आरोपी कांस्टेबल ब्रजेश ने फैक्ट्री को सीज (seize) होने से बचाने और माल नष्ट नहीं करने के बदले 1 लाख रुपये मांगे। वहीं, दूसरे कांस्टेबल ईश्वर सिंह ने परिवादी के अन्य कारोबारी साथियों से भी 50-50 हजार रुपये लेकर डीएसटी दफ्तर में हाजिर होने का फरमान सुनाया। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो सबके व्यापार पर कानूनी कार्रवाई कर धंधा बंद करवा दिया जाएगा।
शिकायत मिलते ही एसीबी ने 21 अक्टूबर को मामले का गोपनीय सत्यापन (verification) कराया। सत्यापन के दौरान दोनों कांस्टेबलों की ओर से कुल 2,20,000 रुपये की रिश्वत मांगना प्रमाणित (verified) पाया गया। इसके बाद जयपुर रेंज एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन और डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। जैसे ही दोनों सिपाहियों ने 2 लाख रुपये की घूस ली, एसीबी ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों से पूछताछ जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आमजन से अपील की है कि रिश्वत मांगने पर टोल-फ्री 1064 या हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत जरूर करें।