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अलवर के तिलक मार्केट में लगी आग, मौके पर पहुंची दमकल

अलवर में शुक्रवार को तिलक मार्केट (Tilak Market) की एक कपड़े की दुकान में अचानक आग (fire outbreak) लग गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों (fire tenders) ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 23 Oct 2026, 11:50 AM IST

alwar tilak market fire

तिलक मार्केट में लगी आग (फोटो - पत्रिका)

अलवर शहर के तिलक मार्केट में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंद कपड़े की दुकान से अचानक काला धुआं और तेज लपटें (flames) उठने लगीं। आसपास के दुकानदारों ने तुरंत शोर मचाया और मामले की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड (fire brigade) को दी। आग ने चंद ही मिनटों में दुकान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।

सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां पहुंची 

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां सायरन बजाती हुई तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग लगने के पुख्ता कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट (short circuit) को ही इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से शटर तोड़कर पानी की बौछारें शुरू कीं और काफी मशक्कत के बाद आग की लपटों को शांत किया।

हो सकता था बड़ा नुकसान 

राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जिस दुकान में आग लगी, वह कपड़े की थी और उसके ठीक आसपास भी दर्जनों रेडीमेड कपड़ों की दुकानें मौजूद हैं। कपड़ा ज्वलनशील सामग्री होने के कारण बहुत तेजी से आग पकड़ता है। अगर यह आग पास की दुकानों तक फैल जाती, तो पूरे बाजार को बचाना मुश्किल हो जाता और करोड़ों का नुकसान हो सकता था।

जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब दुकान के भीतर पटाखों का स्टॉक (firecracker stock) होने की बात सामने आई। शहर में नियमों के तहत रिहायशी और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पटाखे बेचने और उनका भंडारण (storage) करने पर सख्त पाबंदी (ban) लागू है। ऐसे में स्थानीय लोग और व्यापारी प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि प्रतिबंधित पटाखे बाजार तक कैसे पहुंचे।

बजाजा बाजार, चूड़ी मार्केट, भटियारों वाली गली में नहीं है चौड़ा रास्ता 

इसके अलावा, राहत कार्य के दौरान बाजार की जमीनी हकीकत भी सामने आ गई। बजाजा बाजार, तिलक मार्केट, चूड़ी मार्केट, भटियारों वाली गली और आटे वाली गली जैसे इलाके पहले से ही बेहद संकरी गलियों (narrow lanes) में बसे हैं। ऊपर से व्यापारियों की ओर से दुकानों के बाहर फुटपाथ और सड़कों पर सामान फैलाकर किए गए अतिक्रमण (illegal encroachment) ने रास्तों को और ज्यादा सिकोड़ दिया है। इसी वजह से दमकल की बड़ी गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर अवैध रूप से पटाखा रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।