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Alwar: अलवर में ड्राई डे पर खुला रहा आबकारी गोदाम, शराब सप्लाई पर उठे सवाल

अलवर में पंचायत चुनावों के दौरान घोषित सूखा दिवस (dry day) के बावजूद आबकारी विभाग (excise department) की ओर से एमआईए स्थित आबकारी गोदाम से शराब की सप्लाई की गई। इसको लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 23 Oct 2026, 2:29 PM IST

alwar dry day excise

सूखा दिवस पर गूंदपुर में शराब की दुकानें खुली नजर आईं

अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए गुरुवार को मतदान कराया गया था। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए थे। चुनाव आचार संहिता (model code of conduct) के तहत प्रशासन ने मतदान से 48 घंटे पहले ही पूरे इलाके में सूखा दिवस घोषित कर दिया था।

इस आदेश के तहत न केवल सभी देशी-विदेशी शराब की दुकानों को बंद रखना अनिवार्य था, बल्कि किसी भी प्रकार के शराब परिवहन और आपूर्ति (liquor supply) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद औद्योगिक क्षेत्र एमआईए स्थित राजस्थान स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के आबकारी गोदाम (excise warehouse) को खोलकर धड़ल्ले से शराब की पेटियां बांटी गईं।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

मतदान वाले दिन ही गोदाम से ट्रकों और गाड़ियों में शराब लोड कर अलग-अलग इलाकों में भेजे जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल (viral video) हो गए। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों में आक्रोश फैल गया। जागरूक नागरिकों ने तुरंत इसकी शिकायत जिला प्रशासन (district administration) और निर्वाचन अधिकारियों से की। शिकायतकर्ताओं का सीधा आरोप है कि जब चुनाव आयोग के निर्देश थे कि मतदान के दौरान शराब नहीं बेची जा सकती तब सरकारी गोदाम किसके इशारे पर खोला गया और यह शराब कहां भेजी जा रही थी।

पुराने आदेश का हवाला

नियमों की बात करें तो उदयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में जहां भी पंचायत चुनाव हुए, वहां प्रशासन ने आबकारी गोदामों को भी पूरी तरह सील रखा था। ऐसे में अलवर के एमआईए गोदाम को खोलने की छूट किसने दी, यह बड़ा सवाल बन गया है। जब इस पूरे विवाद पर जिला आबकारी अधिकारी (district excise officer) गौरव जौहरी से बात की गई, तो उन्होंने आबकारी आयुक्त के एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए इसे नियमित प्रक्रिया और सरकारी आदेशों के अनुरूप बताया।

हालांकि, आबकारी अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि क्या सूखा दिवस और चुनाव आचार संहिता के दौरान गोदाम से शराब सप्लाई के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (district election officer) या चुनाव आयोग से कोई लिखित अनुमति (written permission) ली गई थी। बिना निर्वाचन विभाग की हरी झंडी के मतदान के दिन इतनी बड़ी मात्रा में शराब का वितरण होना कई तरह की मिलीभगत और धांधली की ओर इशारा करता है। फिलहाल शिकायत दर्ज होने के बाद चुनाव पर्यवेक्षक इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।

आबकारी आयुक्त की ओर से जो आदेश हमें मिले हैं, उसी के अनुरूप गोदाम खोला गया है - गौरव जौहरी, जिला आबकारी अधिकारी