
अलवर जिले के खेरली कस्बे में एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। हिंडौन फाटक से करीब 50 मीटर दूर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान खेरली रेल निवासी मोतीलाल जाटव के रूप में हुई है। वे बीएसएनएल (BSNL) कार्यालय से सेवानिवृत्त जेईएन (Retired JEN) बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी मंडावर से भरतपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान मोतीलाल जाटव उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार, मालगाड़ी के चालक ने उन्हें बचाने के लिए ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन हादसा टाला नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और सिविल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को अपने कब्जे में लेकर खेरली उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई की गई। हादसे के कारण कुछ समय तक घटनास्थल पर आवाजाही और रेल परिचालन पर असर पड़ा। घटना के बाद मालगाड़ी करीब आधे घंटे तक मौके पर खड़ी रही। इसके चलते आसपास मौजूद लोगों में हादसे को लेकर चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार, मोतीलाल जाटव पिछले करीब एक वर्ष से मानसिक रूप से बीमार थे। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
रेलवे ट्रैक के आसपास इस तरह के हादसों में कुछ ही पलों में जान चली जाती है। ऐसे में रेलवे लाइन के पास आवाजाही करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में घटना के कारणों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोतीलाल जाटव मालगाड़ी की चपेट में किन परिस्थितियों में आए। घटनास्थल पर पहुंची संबंधित टीमों ने आवश्यक कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।