
ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे ने प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर तैनात मीणा ने हाल ही में भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया। हालांकि, अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। खास बात यह है कि 37 वर्षीय जगमोहन का कुछ माह बाद प्रमोशन भी प्रस्तावित था। ऐसे में महज 13 साल की सेवा के बाद उनके अचानक लिए गए इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राजस्थान के अलवर जिले की रैणी क्षेत्र के प्रागपुरा गांव निवासी जगमोहन मीणा ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताए हैं। उनका कहना है कि इस फैसले के पीछे किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं है। जगमोहन मीणा का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब देश में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
केंद्र सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2025 तक देशभर में IAS के 1,300, IPS के 505 और IFS के 1,029 पद खाली थे। ऐसे में एक युवा आईपीएस अधिकारी का सेवा के 13 साल बाद इस्तीफा देना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस्तीफे के बाद जगमोहन मीणा के राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होने की बात भी कही जा रही हैं। लेकिन उनके बयान और परिवार की ओर से सामने आई बातों से ऐसा नहीं लग रहा। उनके पिता नंदलाल मीणा ने बेटे के निजी क्षेत्र में नई पारी शुरू करने के संकेत दिए हैं।
रैणी निवासी उमेश गर्ग बताते हैं कि जगमोहन मीणा बहुत ही सज्जन और होनहार हैं। आईपीएस अधिकारी बनकर उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। गर्ग के मुताबिक, जगमोहन के पिता नंदलाल मीणा केंद्र सरकार में वरिष्ठ सरकारी पद ( Director General of Audit ) पर रह चुके हैं। वे पहले से राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में फिलहाल जगमोहन के राजनीति में आने की संभावना नजर नहीं आती।
वहीं, रैणी क्षेत्र के एक गांव के निवासी राजेश शर्मा की राय अलग है। उनका कहना है कि राजनीति में ईमानदार और साफ छवि वाले लोगों को आगे आना चाहिए। भविष्य में यदि जगमोहन मीणा राजनीति में आने का फैसला करते हैं तो यह एक अच्छा कदम हो सकता है। जगमोहन मीणा के पिता नंदलाल मीणा ने वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में एसटी के लिए आरक्षित राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ सीट से बतौर आम आदमी पार्टी उम्मीदवार चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें जीत नहीं मिली।
राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट पर 2023 में कुल 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस ने मांगीलाल मीणा और भाजपा ने बन्ना राम मीणा को चुनाव मैदान में उतारा था। समाजवादी पार्टी से सूरजभान धानका, बहुजन समाज पार्टी से धर्मसिंह धानका और आम आदमी पार्टी से नंदलाल मीणा उम्मीदवार थे। इनके अलावा 12 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा था। इस मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार मांगीलाल मीणा ने जीत दर्ज की थी। नंदलाल मीणा को केवल 878 वोट मिले थे।
| परिणाम | नाम | पार्टी | वोट |
|---|---|---|---|
| विजेता | मांगीलाल मीणा | कांग्रेस (INC) | 93459 |
| हारे | बन्ना राम मीणा | भाजपा (BJP) | 70892 |
| हारे | राहुल | निर्दलीय | 8291 |
| हारे | जोहरीलाल | निर्दलीय | 3007 |
| हारे | विजय समर्थलाल | निर्दलीय | 2853 |
| हारे | शीला मीणा | निर्दलीय | 1222 |
| हारे | सूरजभान धानका | सपा (SP) | 1042 |
| हारे | नंद लाल मीणा | आप (AAP) | 878 |
| हारे | धर्मसिंह धानका | बसपा (BSP) | 868 |
| हारे | ओम प्रकाश मीणा | निर्दलीय | 595 |
| हारे | रामोतार मीणा | निर्दलीय | 569 |
| हारे | महेंद्र कुमार मीणा | निर्दलीय | 495 |
| हारे | जसराम मीणा | निर्दलीय | 437 |
| हारे | नोटा | NOTA | 426 |
| हारे | अमर चंद मीणा | निर्दलीय | 368 |
| हारे | कपिल | निर्दलीय | 239 |
| हारे | लाला राम मीणा | निर्दलीय | 210 |
| हारे | जगदीश | निर्दलीय | 147 |