
खैरथल-तिजारा में कोटकासिम कस्बे की सब्जी मंडी में शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे उस समय चीख-पुकार मच गई, जब आसमान से मौत का तार नीचे आ गिरा। मंडी में हमेशा की तरह किसान अपनी फसलें बेचने और व्यापारी सब्जियां खरीदने के लिए भारी तादाद में जुटे थे। तभी अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइन का तार भरभराकर टूट गया। संयोग अच्छा था कि तार सीधा किसी इंसान पर नहीं गिरा, वरना मौके पर ही कई जानें जा सकती थीं।
विद्युत लाइन का यह तार सीधे मंडी में खड़ी एक सब्जी लोडिंग पिकअप गाड़ी के ऊपर जाकर गिरा। तार गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और पिकअप में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और पिकअप धूं-धूं कर जलने लगी। इसी दौरान पिकअप के नीचे धूप से बचने के लिए बैठा एक आवारा कुत्ता भी करंट की चपेट में आ गया और उस बेजुबान जानवर की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
तार टूटने और गाड़ी में आग लगते ही पूरी सब्जी मंडी में अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ने लगे। कुछ जागरूक लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत बिजली विभाग के पावर हाउस को फोन कर घटना की जानकारी दी। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही विभाग ने संबंधित फीडर की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी, जिसके बाद जाकर आग पर काबू पाया जा सका और एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया।
इस घटना के बाद मंडी के व्यापारियों, किसानों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग (डिस्कॉम) पर फूट पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग हर महीने मेंटेनेंस (रखरखाव) के नाम पर घंटों बिजली कटौती करता है और लाखों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीन पर जर्जर तार वैसे के वैसे ही लटके हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले महीने भी लाडपुर पुलिया के पास यह 11 केवी की लाइन दो बार टूट चुकी है, जिससे खेतों में आग लग गई थी। बार-बार शिकायतों के बाद भी अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। व्यापारियों और किसानों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से इन जर्जर तारों को तुरंत बदला जाए और जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।