अलवर

मूलभूत सुविधाओं का अभाव: गंदगी और बदहाली से जूझ रहे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

कोटकासिम क्षेत्र के डुम्हेड़ा गांव की अहीरों की ढाणी और हरिजन की ढाणी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बरसात के मौसम में ही नहीं, बल्कि पूरे साल यहां से गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। टूटी-फूटी गलियां, गड्ढों से भरे रास्ते और चारों ओर गंदगी अब इन ढाणियों की पहचान बन चुके हैं।
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Sep 02, 2025
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विरोध करते स्थानीय ग्रामीण (फोटो - पत्रिका)

कोटकासिम क्षेत्र के डुम्हेड़ा गांव की अहीरों की ढाणी और हरिजन की ढाणी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बरसात के मौसम में ही नहीं, बल्कि पूरे साल यहां से गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। टूटी-फूटी गलियां, गड्ढों से भरे रास्ते और चारों ओर गंदगी अब इन ढाणियों की पहचान बन चुके हैं।


ग्रामीण महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि बदहाल रास्तों की वजह से बच्चों की शिक्षा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। कई बार बच्चे मुख्य मार्ग तक नहीं पहुंच पाते और स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं। जब रास्ता ही बंद हो जाए तो बच्चों की पढ़ाई कैसे आगे बढ़ेगी? योजनाएं तो कागजों में चलती हैं, लेकिन हमारी ढाणी तक कोई काम नहीं पहुंचता।

डेढ़ सौ वोटरों की आबादी वाली इन ढाणियों के लोग दशकों से सरपंच, स्थानीय विधायक और बड़े अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। हालात से तंग आकर ग्रामीणों ने आज गांव में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पांच दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर समाजसेवी अशोक कुमार, किशन लाल, मामराज, रामअवतार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पक्के रास्ते, नालियां और साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और गांव का भविष्य सुरक्षित हो सके।

Updated on:
02 Sept 2025 02:07 pm
Published on:
02 Sept 2025 02:07 pm