अलवर

एक्सप्रेस-वे पर दौड़ती है गाड़ियां, हजारों करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं है सुरक्षा इंतजाम

Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे निर्माण पर सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है, लेकिन यहां सुरक्षा इंतजाम के नाम पर कुछ नहीं है।  

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Jul 28, 2023

अलवर/पत्रिका। Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे निर्माण पर सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है, लेकिन यहां सुरक्षा इंतजाम के नाम पर पुलिस थाना या चौकी भी नहीं है। सीसीटीवी कैमरे भी बंद हैं। ऐसे में यहां लगातार सड़क हादसे और वारदातें हो रही हैं।

सुरक्षा इंतजामों पर कुछ नहीं
केन्द्र सरकार की ओर से 12 हजार 173 करोड़ रुपए की लागत से 1382 किलोमीटर लम्बे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। 8 लेन के दिल्ली-मुम्बई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के दिल्ली-अलवर-दौसा-लालसोट खंड का काम पूरा हो चुका है। गत 12 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्सप्रेस-वे के दिल्ली-अलवर-दौसा-लालसोट खंड का उद्घाटन किया। सोहना से लालसोट की दूरी 247 किलोमीटर है। जिस पर रोजाना हजारों वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के इंतजाम कुछ नहीं हैं। एक्सप्रेस-वे अलवर जिले से कई किलोमीटर एरिया में गुजर रहा है, लेकिन एक्सप्रेस-वे पर न तो पुलिस थाना खोला गया है और न ही ट्रैफिक पुलिस चौकी।

सीसीटीवी कैमरे बंद
जानकारी के अनुसार दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर पर उच्च क्वालिटी के पीटीजेड सीसीटीवी कैमरा लगाए हैं। इस एक कैमरे की कीमत ढाई से तीन लाख रुपए है, लेकिन ये सभी सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। इसके अलावा बीच-बीच में रोडलाइटें भी नहीं है। जिसके कारण एक्सप्रेस-वे पर अंधेरा छाया रहता है।

एक्सप्रेस-वे के हाइलाइट्स
कुल लम्बाई - 1382 किमी
कुल लागत - 12173 करोड़ रुपए
अलवर जिले में दूरी - 67 किमी
भरतपुर जिले में दूरी - 03 किमी
सोहना-लालसोट की दूरी - 247 किमी
इंटरचेंज - शीतल व पिनान
अधिकतम गति सीमा - 120 किमी प्रति घंटा
एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई - 8 लेन
निर्माणकर्ता - एनएचएआई

सिर्फ क्यूआरटी और इंटरसेप्टर के भरोसे
अलवर जिले में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा सिर्फ क्यूआरटी और इंटरसेप्टर वाहन के भरोसे हैं। अलवर जिला पुलिस की ओर से यहां एक क्यूआरटी और एक इंटरसेप्टर वाहन लगाया हुआ है। पुलिस का ये सर्विलांस सिस्टम कुछ घंटे ही रहता है। इसके बाद एक्सप्रेस-वे पर वाहन 150 से 200 की स्पीड में दौड़ रहे हैं। जिसके कारण यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। पिछले पांच महीने में एक्सप्रेस-वे पर तीन दर्जन से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, आधा दर्जन से ज्यादा गोतस्करी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा इंतजामों के तहत फिलहाल क्यूआरटी और इंटरसेप्टर वाहन लगाए हुए हैं। एक्सप्रेस-वे पर पुलिस थाना और ट्रैफिक एड पोस्ट खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। - आनंद शर्मा, एसपी, अलवर।

Published on:
28 Jul 2023 12:16 pm
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