अलवर

मकान मालिक की पुकार: मेरा घर खाली करो, सरकारी विभाग बना सिरदर्द 

अलवर में श्रम विभाग को भवन किराए पर देना एक मकान मालिक को भारी पड़ गया है। विभाग पिछले ढाई साल से न तो किराया दे रहा है और न ही मकान खाली कर रहा है।
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Jul 09, 2025
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घर के बाहर खड़ी जीप हो गई कबाड़ व कमरे में रखी सरकारी फाइलें (फोटो - पत्रिका)

अलवर में श्रम विभाग को भवन किराए पर देना एक मकान मालिक को भारी पड़ गया है। विभाग पिछले ढाई साल से न तो किराया दे रहा है और न ही मकान खाली कर रहा है। हालत यह है कि इन कमरों में रखी फाइलें, टेबल-कुर्सी खराब हो चुके हैं। यही नहीं घर के बाहर खड़ी सरकारी जीप भी कबाड़ हो चुके हैं।

विभाग को कई बार लिखा गया है और जिला कलेक्टर को भी शिकायत दी गई है लेकिन आज तक इसे खाली नहीं किया गया। विभाग ने इस मकान में कमरे किराए पर लेकर नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन वर्ष 2022 में इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया। मगर विभाग अपना सामान आज तक नहीं लेकर गया।

2016 से चल रहा था कार्यालय

मकान रूपबास रोड स्थित रामेश्वरी यादव का है। मकान में यह कार्यालय अक्टूबर, 2016 से चल रहा था। विभाग के पास अपना भवन नहीं था, इसलिए किराए के भवन में इसका संचालन किया गया। भवन का सितंबर 2023 तक का किराया तो विभाग ने दे दिया, लेकिन इसके बाद से मालिक को किराया भी नहीं दिया और सरकारी सामान भी नहीं लेकर गए। कार्यालय को आवंटित जीप नंबर आरजे-05-जी-2655 भी खटारा हो चुकी है।

पुराना कलेक्ट्रेट में चल रहा है विभाग

मकान मालिक रामेशवरी यादव ने बताया कि मैंने श्रम विभाग को यह भवन दिया था। बाद में विभाग का दतर पुराने कलक्ट्रेट में चलने लगा, लेकिन सामान आज भी मकान में ही पड़ा है। जब तक यह खाली नहीं हो जाता तब तक मैं किसी दूसरे को किराए पर नहीं दे सकती। इससे हर साल लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। मैंने जिला कलेक्टर व श्रम विभाग को कई बार शिकायत दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना को बंद कर दिया गया है, चालू होगी या नहीं इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है - राकेश चौधरी, उपश्रम आयुक्त्, श्रम विभाग, अलवर

Updated on:
09 Jul 2025 11:57 am
Published on:
09 Jul 2025 11:57 am