अलवर

अनुमति मिलने के बाद भी विधि महाविद्यालय कर रहा प्रवेश में ढि़लाई, विद्यार्थियों का हो रहा नुकसान

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Aug 29, 2018
Law College Alwar No Starting Admission Process For this Session
अनुमति मिलने के बाद भी विधि महाविद्यालय कर रहा प्रवेश में ढि़लाई, विद्यार्थियों का हो रहा नुकसान

अलवर. बॉर काउन्सलिंग ऑफ इंडिया की ओर से प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरु नहीं हो पाई है। अलवर जिला मुख्यालय पर राजकीय विधि महाविद्यालय में 500 सीटों पर फार्म भरे जाने हैं जिसमें प्रवेश प्रक्रिया का विद्यार्थियों को इंतजार है।

प्रदेश के सभी 15 राजकीय विधि महाविद्यालयों में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरु हो गई है। बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले बीते दो वर्षों से यह प्रवेश प्रक्रिया बीसीआई से मान्यता नहीं मिलने के कारण जनवरी में शुरु हो पाई थी। इस बार प्रदेश के विधि महाविद्यालयों के लिए व्याख्याताओं की नियुक्ति के बाद बीसीआई ने यह आदेश दिए हैं। सरकार ने 62 व्याख्यातओं की नियुक्ति की है जिसके बाद यह अनुमति मिल पाई है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने अभी तक विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ करने के आदेश नहीं दिए हैं। इसके चलते युवा विद्यार्थियों में असमंजस है । यदि उनका प्रवेश यहां नहीं हो पाएगा तो अन्य स्थानों पर भी सीेटें भर जाएंगी। यह प्रवेश प्रक्रिया समय रहते पूरी हो जानी चाहिए। कॉलेज शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि छात्रसंघ चुनव प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधि प्रथम वर्ष में

प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होगी।

बीते दो वर्षों से प्रवेश प्रक्रिया देरी से होने के कारण परीक्षा के समय तक विद्यार्थी अपनी पूरी पढ़ाई भी नहीं कर पाते हैं। छात्र नेता आर. डी. शर्मा का कहना है कि विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया जून माह में प्रारम्भ हो जानी चाहिए जो कई वर्षों से देर होती जा रही है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय को इस वर्ष अनुमति मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र शुरु करनी चाहिए। अलवर जिला मुख्यालय पर स्थित विधि महाविद्यालय में विधि प्रथम वर्ष में 500 सीटों के अतिरिक्त एलएलबी, डीएलएल और एलएलएम की पढ़ाई होती है।

यहां तो अब भी कम हैं व्याख्याता

राजकीय विधि महाविद्यालय में कुल 7 व्याख्याता है जिनमें से 4 तो प्रतिनियुक्ति पर है। इसके चलते पूरा विधि महाविद्यालय में मात्र 3 ही व्याख्याता है। नए व्याख्याताओं की नियुक्ति के बाद भी यहां व्याख्याताओं की कमी को दूर नही किया गया है।

Published on:
29 Aug 2018 10:09 am