अलवर में तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार पर भारी पड़ गई। अलवर सेशन कोर्ट के वकील खेमराज बसवाल (42) की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
अलवर में तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार पर भारी पड़ गई। अलवर सेशन कोर्ट के वकील खेमराज बसवाल (42) की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 18 दिन पहले हुए एक सड़क हादसे ने उनसे उनकी जिंदगी छीन ली। मृतक वकील अखैपुरा थाना क्षेत्र के फूटी खेल गांव के रहने वाले थे और अपनी मिलनसार छवि के लिए पहचाने जाते थे।
मृतक के चचेरे भाई के अनुसार यह हादसा 28 मार्च को उस समय हुआ जब खेमराज बसवाल अपने बेटे शोभित के साथ बाइक पर सवार होकर महेशरा गांव जा रहे थे। वे अपनी बहन से मिलने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही उनकी बाइक राजगढ़ के सुरेर गांव स्थित कैलाश पब्लिक स्कूल के समीप पहुंची, पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि पिता-पुत्र दोनों सड़क पर दूर जा गिरे।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को अलवर के जिला अस्पताल पहुंचाया। खेमराज के सिर में गंभीर आंतरिक चोटें (Internal Injuries) होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के अस्पताल में खेमराज का ऑपरेशन भी किया गया। ऑपरेशन के बाद करीब 10 दिनों तक उनकी स्थिति में सुधार नजर आ रहा था और परिजनों को उनके ठीक होने की उम्मीद जगी थी।
परिजनों के अनुसार, 10 दिन बाद अचानक उनकी स्थिति फिर से बिगड़ने लगी। बुधवार सुबह जब उनकी हालत ज्यादा नाजुक हुई तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल उनके पुत्र शोभित की जान बच गई है और इलाज के बाद उनकी स्थिति अब ठीक बताई जा रही है।
वकील खेमराज बसवाल के निधन की सूचना मिलते ही अलवर सेशन कोर्ट के अधिवक्ताओं में शोक व्याप्त हो गया। उनके साथियों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। पुलिस अब दुर्घटना कारित करने वाली कार और उसके चालक की तलाश में जुट गई है। सिर में लगी गंभीर चोट इस दुखद मृत्यु का मुख्य कारण बनी है, जिसने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनिवार्यता जैसे सवालों को खड़ा कर दिया है।