
आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा
ऑनलाइन ठगी और लूट के मामलों पर अलवर की एडीजे कोर्ट संख्या-3 की न्यायाधीश ज्योति के. सोनी ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2017 में हुई इस सनसनीखेज वारदात के सभी पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें सख्त सजा से दंडित किया है। सरकारी अधिवक्ता अजीत यादव ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्यों को बेहद मजबूत माना और आरोपियों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी। अगर दोषी एक-एक लाख रुपये का जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
यह पूरी घटना अगस्त 2017 की है। बदमाशों ने OLX ऐप पर एक स्विफ्ट डिजायर कार बेचने का फर्जी विज्ञापन डाला था। इस विज्ञापन को देखकर बाड़मेर जिले के गुढ़ा मालानी निवासी शांतिलाल ने उनके दिए नंबर पर संपर्क किया। खुद को एक नामी कंपनी का इंजीनियर बताकर ठगों ने शांतिलाल को झांसा दिया कि वे अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र में नौकरी करते हैं और कार की डील वहीं आकर फाइनल करनी होगी। बदमाशों की बातों में आकर शांतिलाल अपने दोस्त देवीलाल के साथ 13 अगस्त 2017 को मालाखेड़ा पहुंच गए।
मालाखेड़ा पहुंचने पर एक आरोपी बाइक लेकर आया और दोनों पीड़ितों को कार दिखाने के बहाने केरवाड़ा के घने जंगलों में ले गया। वहां जंगल में तीन और बदमाश पहले से ही कट्टा और चाकू लेकर छिपे हुए थे। बदमाशों ने दोनों दोस्तों को घेर लिया और जान से मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने शांतिलाल के बैग से 2 लाख रुपये कैश, चेकबुक, सोने की चेन, घड़ी, दो मोबाइल और पर्स से 21 हजार रुपये लूट लिए। वहीं देवीलाल से भी उनका मोबाइल, पर्स और 27 हजार रुपये छीन लिए। वारदात के बाद बदमाश दोनों को बाजरे के खेत में फेंककर भाग निकले।
पीड़ितों ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और मुख्य सड़क पर आकर स्थानीय लोगों की मदद से मालाखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए जैकम, सारूप, कल्लू खां, शाहिद और फकरू खां को गिरफ्तार कर लूटा हुआ माल बरामद किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह और 45 दस्तावेजी सबूत पेश किए, जिसके आधार पर आज इन पांचों लुटेरों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
Updated on:
03 Jun 2026 05:14 pm
Published on:
03 Jun 2026 04:23 pm
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