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सलाखों के पीछे ‘The Pregnant King’ क्यों पढ़ रहा है आरोपी समर्थ सिंह? जानें कैदी नंबर 1782 की जेल डायरी

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत के मामले में आरोपी समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल में है कैदी नंबर 1782, जानिए सलाखों के पीछे क्यों पलट रहा है The Pregnant King और Butter जैसे मनोवैज्ञानिक उपन्यासों के पन्ने

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Twisha Sharma Death Case accused Samarth Singh

Twisha Sharma Death Case accused Samarth Singh (photo: Edited By AI)

Twisha Sharma Death Case: मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब कोर्ट से होते हुए भोपाल सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को सलाखों के पीछे है। उसे उसकी मां और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के साथ 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मध्यप्रदेश के इस पूरे हाईप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री केस में भोपाल सेंट्रल जेल और हवालात से एक बेहद चौंकाने वाला और रोचक पहलू भी सामने आया है। यह पहलू आरोपी समर्थ सिंह की मानसकिता और उसकी किताबों पढ़ने की पसंद से जुड़ा है।

सलाखों के पीछे The Pregnant King का पन्ना पलट रहा है समर्थ

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पहुंचा पति समर्थ सिंह जेल (Twisha Sharma Death Case) में प्रसिद्ध लेखक देवदत्त पटनायक सिंह ने जेल में प्रसिद्ध लेखक देवदत्त पटनायक का चर्चित उपन्यास द प्रेग्नेंट किंग पढ़ना शुरू कर दिया है। भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित यह उपन्यास अपनी बेहद अनोखी और जटिल कथा वस्तु के लिए जाना जाता है।

जानें क्या है इन उपन्यास की कहानी?

यह कहानी महाभारत काल के एक पौराणिक राजा युवनाश्व पर आधारित है, जो संतान न होने से परेशान थे। ऋषियों ने उनकी रानियों के लिए एक चमत्कारिक औषधि तैयार की थी, ताकि राजा का वंश आगे बढ़ सके। लेकिन भूलवश राजा खुद उसे पी लेता है। परिणाम यह होता है कि चमत्कारिक औषधि पीने से राजा ही प्रेग्नेंट हो जाता है। इसके बाद संतान के जन्म के लिए ऋषियों को राजा का पेट चीरना पड़ता है। यह पूरी किताब मातृत्व, पितृत्व, जेंडर और अपनी पहचान के संकट से जूझते एक इंसान के आंतरिक द्वंद्व को दिखाती है।

सीबीआई कस्टडी में पढ़ चुका है जापानी क्राइम थ्रिलर 'बटर'

समर्थ को पहली बार नहीं बल्कि दूसरी बार कोई किताब पढ़ते देखा गया है। द प्रेग्नेंट किंग से पहले वह सीबीआई की कस्टडी के दौरान हवालात में भी किताबों में डूबा नजर आया। रिमांड (Twisha Sharma Death Case) के दौरान उसके हाथ में जापानी क्राइम थ्रिलर उपन्यास बटर था। 22 मई को गिरफ्तारी के समय से ही यह उपन्यास उसके हाथों में था।

महिला सीरियल किलर पर आधारित है बटर (Butter)

बटर उपन्यास की कहानी बेहद पेचीदा है। असाको युजुकी का यह नोवल एक महिला सीरियल किलर की कहानी है। सीरियल किलर ये महिला पुरुषों को रसोइया के हुनर और मनोवैज्ञानिक जाल में फंसाकर उन्हें मौत के घाट उतार देती है।

अब सवाल क्या वाकई समर्थ की ये अनोखी पसंद है या फिर कोई चाल

कोर्ट में केस चलने के कारण नाम न छापने की शर्त पर कुछ साइकोलॉडजिस्ट्स और जेल के जानकारों की बात मानें तो अपराध, न्याय व्यवस्था और मानव विज्ञान से जुड़े ये उपन्यासों में समर्थ की यह दिलचस्पी महज एक शौक नजर नहीं आती, बल्कि उसके दिमाग में चल रही उथल-पुथल (Twisha Sharma Death Case) का संकेत भी हो सकती है।

समर्थ क्यों पढ़ रहा बटर और द प्रेग्नेंट किंग जैसी कहानी

दरअसल इनका कहना है कि जापानी क्राइम थ्रिलर उपन्यास बटर एक ऐसी कहानी है जिसमें कातिल और पुलिस के बीच चलने वाले जबरदस्त माइंड गेम को बताया गया है। ऐसे में हो सकता है कि समर्थ खुद को सीबीआई की जांच और पूछताछ के लिए मानसिक रूप से तैयार कर रहा था।

और द प्रेग्नेंट किंग एक ऐसे राजा की कहानी है जो प्रकृति के नियमों के विपरीत जाकर एक अनचाहे संकट यानी गर्भावस्था में फंस जाता है। क्या समर्थ खुद को इसी तरह किसी अनचाहे संकट में फंसा महसूस कर रहा है?

कहना होगा कि हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल जीने वाले मां-बेटे गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में सिर्फ दो कैदी नंबर बनकर रह गए हैं। एक कैदी नंबर 71, गिरिबाला सिंह जो महिला बैरक (Twisha Sharma Death Case) में बंद है। वहीं दूसरा कैदी नंबर 1782 समर्थ सिंह एक मद्धम रोशनी वाली बैरक में पौराणिक कथाएं सुनाते उपन्यास के पन्ने पलट रहा है। वो या तो अपनी मानसिक उलझनों को शांत करने की भरसक कोशिश कर रहा है या फिर कानून के शिकंजे से बचने का कोई मनोवैज्ञानिक तरीका ढूंढ रहा है।