Leh Ladakh Ground Report: धारा 370 हटने के बाद लेह-लद्दाख को अपनी अलग पहचान मिली। ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़िए इस बड़े बदलाव के बाद कैसा है वहां का माहौल।
लेह के शांति स्तूप से हीरेन जोशी.
लेह. जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। इस बड़े बदलाव के बाद लद्दाख की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं है। धारा 370 हटने के बाद आमजन के चेहरे पर मुस्कान दिख रही है। जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित का दर्जा मिला और लद्दाख को अलग पहचान मिली। लेह की जमीनी हालातों का जायजा लेने के दौरान वहां शांति स्तूप क्षेत्र का प्रभार संभालने वाले लोपचांग ठिल्ले से कई मुद्दों पर बातचीत की। वे बताते हैं कि जम्मू कश्मीर से अलग होने के बाद काफी बदलाव आए। अब वहां देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरोना के प्रभाव के बाद दुनिया भर से पर्यटक आएंगे।
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
लोपचांग ठिल्ले ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है। वे चाहते हैं कि लद्दाख की तरक्की हो। उन्होंने बताया कि लद्दाख के लोग चाहते हैं कि यहां सभी मित्रता और शांति से रहें। लद्दाख के लोग देश प्रेमी हैं। एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ पाकिस्तान हैं। लद्दाख वासी एकजुट होकर उनसे लड़ने में सक्षम हैं। करगिल युद्ध के दौरान भी लद्दाख के लोगों ने भारतीय सेना का सहयोग किया था।
मुस्कुरा रहा लद्दाख
समुद्र तल से 11 हजार 500 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित लद्दाख के शांति स्तूप पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा भारत की शांति का सन्देश दे रही है। वहां पहुंचकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे एक वीरान पड़ा क्षेत्र मुस्कुरा रहा हो। लद्दाख के आमजन के चेहरे पर मुस्कराहट नजर आ रही है। विद्यार्थियों से लेकर बुजुर्ग लद्दाख को अलग पहचान मिलने से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।