
नयाबास निवासी अजय राजपूत ने कहा कि जिले में पढ़ने वाले युवाओं की संख्या बहुत है। लेकिन अच्छे कोर्स और शिक्षण संस्थान नहीं है। सरकारी कॉलेजों में संसाधन व स्टाफ नहीं है। अच्छे शिक्षण संस्थान खुलेंगे तो युवाओं को अच्छे कोर्स पढ़ने के लिए जयपुर, सीकर, कोटा, दिल्ली आदि जगहों पर नहीं जाना पड़ेगा। आशीष मीणा ने कहा कि मैं चाहता हूं कि देश से भ्रष्टाचार खत्म हो, पेपर लीक ना हो, बेरोजगारी व युवाओं की समस्याओं का समाधान सबसे पहले हो। पिछले सालों में रीट की परीक्षा लीक हुई थी, जिसकी तैयारी फिर से करनी पड़ी इससे युवाओं को ही परेशानी उठानी पड़ी। शहर निवासी ललित पंवार ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाईयां हैं इसके बाद भी बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है। पढे़-लिखे युवाओं को काम नहीं मिल रहा है। सड़कों पर बेरोजगार भटक रहे हैं। युवाओं को योग्यता के अनुसार रोजगार मिले। काम की तलाश में दूसरे शहरों में नहीं जाना पडे़। मुंडावर निवासी रामपाल ने कहा कि शहर हो या गांव सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। अलवर शहर से लेकर गांवों तक पानी का संकट है। सर्दी और गर्मी दोनों ही मौसम में पानी का संकट बना रहता है। इसके लिए सरकार को जल्द से जल्द प्रयास करने चाहिए। महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान है। मालाखेडा निवासी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि अलवर दिल्ली व जयपुर के बीच में राज्य की राजधानी जयपुर के नजदीक हैं। यहां पर किले, महल, हवेलियां, पर्यटन स्थलों की भरमार है। इसमें पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार चाहे तो पर्यटन हब बन सकता है।
मोहित पांचाल ने कहा कि अलवर जिले को संभाग बनाने का मुददा फिर से उठना चाहिए। यहां पर सुविधाओं की कमी के चलते लोगों का बड़े शहरों की ओर पलायन हो रहा है। सरकार को सुविधाएं बढ़ाने पर काम करना चाहिए।