अलवर

शांति के संदेश के साथ ही विकास की नई इबारत लिख रहा है लद्दाख – ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला लद्दाख-कश्मीर के सात दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने लद्दाख को लेकर पत्रिका से विशेष बातचीत की।

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Aug 27, 2021
शांति के संदेश के साथ ही विकास की नई इबारत लिख रहा है लद्दाख - ओम बिरला

लेह से हीरेन जोशी.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कहना है कि लद्दाख की धरती से पूरी दुनिया को भगवान बुद्ध का शांति का संदेश दिया जा रहा है। अब क्षेत्र शांति के साथ ही विकास की नई इबारत लिख रहा है, जो दुनियाभर के पर्यटकों का हब बनने के साथ ही उत्कृष्ट संस्कृति का संदेश देगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को पत्रिका से लेह में विशेष बातचीत की। अपने 7 दिवसीय लद्दाख-कश्मीर दौरे के तहत उन्होंने नगरीय विकास पर गठित संसद की स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में भी शिरकत की। कमेटी में विशेष रूप से लेह के विकास पर आए सुझावों पर चर्चा की गई।

दुर्गम परिस्थितियों के बीच जीवंत संस्कृति

बिरला ने कहा कि लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतिपूर्ण हैं। इसके बावजूद यहां के लोग में अद्भुत जीवट, राष्ट्रप्रेम और संस्कृति से गहरा लगाव है। भगवान बुद्ध के शांति और अहिंसा के संदेश के साथ ही यहां के लोग शौर्य और देशप्रेम की भी जीवंत मिशाल हैं। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए के हटने के बाद यहां लोकतांत्रिक ढांचे को जबरदस्त मजबूती मिली है। एक दशक से भी अधिक समय बाद पंचायतों के चुनाव हुए हैं। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि ही क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को जानते हैं। पंचायती राज ही लोकतांत्रिक विके्रद्रीकरण की प्रथम इकाई है। लद्दाख क्षेत्र में पंचायतों की मजबूती बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब यहां परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं। लोगों में विकास के प्रति ललक और अपनी विशेष सांस्कृतिक पहचान का गर्व है। यह उनके सपने पूरे करने का समय है। जल्द ही यहां हर क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे।

आधारभूत संरचना में आमूलचूल बदलाव

बिरला ने बताया कि अब लद्दाख में आधारभूत संरचना में आमूलचूल बदलाव आ रहा है। केंद्र सरकार ने यहां मेडिकल कॉलेज खोला है अब केंद्रीय विश्वविद्यालय भी खोला जा रहा है। बॉर्डर रोड ऑग्र्नाइजेशन ने सड़कों का जाल बिछा दिया है। जो कमियां थी उन्हें केंद्र सरकार प्राथमिकता से दूर कर रही है। आधारभूत संरचना की मजबूती की यह गति आने वाले समय में लद्दाख के लोगों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाएगी। बिरला ने कहा कि यहां के स्थानीय कृषि, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की मांग पूरे देश में बढऩा तय है। अब पर्यटन यहां के लिए वरदान साबित होगा। यह क्षेत्र आत्मनिर्भर होने की दिशा में अग्रसर है।

भारत के इतिहास के पहले लोकसभा अध्यक्ष जिन्होंने दी अहमियत- नामग्यालय

लद्दाख के युवा सांसद जमयांग सेरिंग नामग्यालय ने बिरला का स्वागत करते हुए कहा कि भारत के इतिहास के पहले लोकसभा अध्यक्ष हैं जिन्होंने लद्दाख को इतनी अहमियत दी है। लगातार तीन दिन तक उनका क्षेत्र में रहना ही महत्वपूर्ण है। सांसद ने कहा कि इस समय संसद की विभिन्न कमेटियों के करीब 150 सदस्य लद्दाख क्षेत्र में आए हैं। यह बिरला के निर्देशन के कारण ही संभव हुआ है। जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में संसद की स्टेंडिंग कमेटी की मीटिंग मेें आए सभी सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत किया।

Published on:
27 Aug 2021 04:18 pm
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