6 दिन पहले संदिग्ध हालत में 35 वर्षीय सूबेसिंह नाम के व्यक्ति की मौत हुई थी। शव घर के बॉथरूम में पाया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि पत्नी इस बात से ज्यादा परेशान नहीं दिखी।
अलवर। भतीजे पर प्यार का नशा इस कदर चढ़ा कि चाची के साथ मिलकर चाचा की हत्या कर दी। इसका खुलासा पुलिस ने बुधवार (14 फरवरी) को किया है। मामला, अलवर जिले सदर थाना के किथूर गांव का है। 6 दिन पहले संदिग्ध हालत में 35 वर्षीय सूबेसिंह नाम के व्यक्ति की मौत हुई थी। शव घर के बॉथरूम में पाया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि पत्नी इस बात से ज्यादा परेशान नहीं दिखी। परिजन सूबे सिंह का अंतिम संस्कार करने पहुंचे। इस दौरान परिवार के अन्य लोगों को सूबेसिंह के गले पर चोट के निशान दिखाई दिए। इस दौरान परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से मना किया व पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचती उससे पहले ही परिवार के लोगों ने सूबेसिंह का अंतिम संस्कार कर दिया।
इधर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस दौरान पत्नी से पूछताछ की गई। उन्होंने किसी पर हत्या का शक जाहिर नहीं किया। पुलिस फिर परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ करती रही। 6 दिन बाद पुुलिस ने इस पूरे मामले में मृतक की पत्नी मीना प्रजापत व भतीजे गोविंद पुत्र रामचंद्र प्रजापत को किथर गांव से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मामला प्रेम- प्रसंग का है। भतीजे व उसकी चाची के अवैध संबंध थे। प्यार में बाधा बन रहे सूबेसिंह को दोनों किसी तरह से रास्ते से हटाना चाहते थे। इसलिए दोनों ने मिलकर सूबेसिंह की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर शव को बॉथरूम में फेंककर ऐसा दिखाने का प्रयास किया कि उनका गिरने या हार्ट अटैक से मौत हुई है।
इस दौरान पुलिस लगातार जांच करती रही। कई सवालों के जवाब पत्नी की ओर संतोषजनक नहीं मिले। पुलिस अब समझ चुकी थी कि हत्या में पत्नी की भूमिका है। फिर पुलिस ने इसकी गहनता से जांच की, जिसके बाद मामला आईने की तरह सामने आ गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। यह पूरी घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। तो पुलिस मामले में बड़ी सफलता मान रही है।