अलवर

मत्स्य विश्वविद्यालय की कारगुजारी, जिस विषय का पेपर था, उसका प्रश्न-पत्र ही नहीं भिजवाया, फिर करवानी पड़ी फोटो-स्टेट

अलवर के मत्स्य विश्वविद्यालय की अनियमितताएं जारी है। अब परीक्षा में एम.ए प्रीवियस के नए पेपर के बदले पुराना पेपर दे दिया गया।
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Apr 22, 2019
Matsya University Alwar Distributed Wrong Question Papers Of English
मत्स्य विश्वविद्यालय की कारगुजारी, जिस विषय का पेपर था, उसका प्रश्न-पत्र ही नहीं भिजवाया, फिर करवानी पड़ी फोटो-स्टेट

राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की ओर से एमए प्रीवियस अंग्रेजी के शनिवार को हुए प्रश्न पत्र में कई अनियमितताएं सामने आई। इसके चलते जीडी कॉलेज में प्रश्न- पत्र फोटो स्टेट करवाकर बांटे गए जिससे पेपर देरी से शुरू हो सका। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ा।

एम.ए प्रीवियस में अंग्रेजी साहित्य की मॉडर्न इंग्लिश यूसेज एंड लैंग्वेज की परीक्षा में विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ा। विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रवेश पत्र में अलग-अलग टाइम टेबल दिया गया है। किसी विद्यार्थी के प्रवेश पत्र में शनिवार की परीक्षा इंगलिश यूसेज एंड लैंग्वेज की लिखी हुई है तो किसी प्रवेश पत्र में इंगलिश यूसेज मॉर्फोलॉजी ऑल्ड दी गई है, वहीं किसी में न्यू दर्शाया गया है। किसी प्रवेश पत्र में दोनों परीक्षाएं दर्शायी गई है। विद्यार्थियों ने परीक्षाओं के हिसाब से तैयारी की लेकिन विद्यार्थियों को केवल मॉर्फोलॉजी ऑल्ड का पेपर दिया गया। जब विद्यार्थी पेपर कोड लिखने लगे तो प्रश्न पत्र व प्रवेश पत्र में अलग-अलग कोड मिला। राजर्षि कॉलेज में जब विद्यार्थियों ने परीक्षकों को समस्या बताई तो उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की गलती बता दिया, इसके बाद जब अन्य विद्यार्थियों ने जोर दिया तो उन्होंने जवाब दिया कि विश्वविद्यालय को सूचना दे दी गई है। परीक्षा शुरु होने के 1 घंटे बाद 12 बजे दूसरा प्रश्न-पत्र मंगाकर विद्यार्थियों को दिया गया।

कई विद्यार्थियों की छूटी परीक्षा

एक घंटे तक विद्यार्थी पुरानी पेपर से परीक्षा देते रहे, इस बीच विद्यार्थियों ने परीक्षकों से पूछा तो उन्होंने पुराना पेपर हल करने को कहा। इसके बाद जब दूसरा प्रश्न पत्र आया तब तक विद्यार्थियों का समय बर्बाद हो चुका था, ऐसे में कई विद्यार्थियों की परीक्षा छूट गई। वहीं परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय जाकर प्रवेश-पत्र की त्रुटी को सही कराना पड़ा। इस मामले में परीक्षा नियंत्रक सप्तेश कुमार का कहना है कि कुछ ही केन्द्रों पर यह गलती हुई है। इस मामले में सम्बन्धित फर्म व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
22 Apr 2019 03:16 pm
Published on:
22 Apr 2019 03:16 pm