एक निजी अस्पताल ने एक मरीज का ऑपरेशन कर दिया लेकिन उसके पेट से पथरी नहीं निकाली।
अलवर। एक निजी अस्पताल ने एक मरीज का ऑपरेशन कर दिया लेकिन उसके पेट से पथरी नहीं निकाली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच अलवर ने एक निजी अस्पताल के चिकित्सक की सेवा में दोष मानते हुए करीब 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
बीच का मौहल्ला निवासी राजेंद्र कुमार ने पेट में दर्द होने के कारण सोनाग्राफी कराई तो पेट में 17 एमएम की पथरी होना पाया। इस पर उसने स्कीम नंबर दो स्थित विजय हॉस्पिटल के डा. विजययादव सिंह यादव से परामर्श लिया।
उन्होंने पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन का खर्च 25 हजार रुपए बताया। 18 सितंबर 2017 को परिवादी का ऑपरेशन किया गया। पीडि़त को घर पहुंचने पर फिर दर्द हुआ और दवाइयां लेने के बाद भी आराम नहीं मिला।
सात अक्टूबर 2017 को पुन: सोनोग्राफी कराई तो पेट में पथरी मिली जिससे यह साबित हुआ कि डाक्टर ने पैसे लेने के बाद भी सही ऑपरेशन नहीं किया। इससे पीडि़त को भी काफी परेशानी हुई।
पीडि़त परिवादी ने मंच के समक्ष परिवाद पेश कर न्याय मांगा। मंच के अध्यक्ष बलदेवराम चौधरी व सदस्य अशोक कुमार पारीक ने मामले की सुनवाई में विपक्षी की सेवा में दोष माना। उन्होंने पथरी के ऑपरेशन के खर्च की राशि 27 हजार रुपए, परिवाद व्यय के 5 हजार रुपए एवं शारीरिक व मानसिक क्षति के 10 हजार रुपए एक माह में अदा करने के आदेश दिए हैं।