सरस ने दूध में हेराफेरी को रोकने की कवायद की है। डेयरी ने दूध परिवहन वाहनों में कैमरे लगाना शुरू किया है।फिलहाल छह वाहनों में कैमरे लगाए जा चुके हैं।
अलवर. सरस ने दूध में हेराफेरी को रोकने की कवायद की है। डेयरी ने दूध परिवहन वाहनों में कैमरे लगाना शुरू किया है।फिलहाल छह वाहनों में कैमरे लगाए जा चुके हैं। जल्द ही सभी दूध वाहनों को इस सिस्टम से लैस किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए दूध भरने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी, जिससे हर चरण पर निगरानी संभव हो सकेगी।
पिछले कुछ वर्षों में डेयरी को दूध में गड़बड़ी और हेराफेरी की शिकायतें की कई शिकायतें मिली थीं। जांच में भी अनियमितताओं के संकेत सामने आने के बाद डेयरी बोर्ड ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि डेयरी दूध व दूध से बने आइटम बेचता है। अगर दूध की क्वालिटी खराब हो तो अन्य प्रॉडक्ट पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही डेयरी की साख पर भी सवाल उठते हैं। इस नए प्रयोग से गड़बड़ी पर लगाम लगेगी। साथ ही, बिक्री में भी इजाफा होगा।
ऑफिस में बना ‘वार रूम’, लाइव मॉनिटरिंग
दूध वाहनों की निगरानी के लिए सरस डेयरी कार्यालय में विशेष वाॅर रूम तैयार किया गया है। यहां कैमरों के जरिए वाहनों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही, दूध टैंकरों पर जीपीएस सिस्टम के माध्यम से उनकी लोकेशन और मूवमेंट पर भी नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं तक शुद्ध और सुरक्षित दूध पहुंचाने में मदद मिलेगी और डेयरी पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
दिल्ली तक जाता है अलवर का दूध
अलवर डेयरी से दिल्ली तक दूध की सप्लाई हो रही है। रोजाना कई वाहन दिल्ली जाते हैं। हर साल दूध का पाउडर भी बनाया जाता है जो बाजार में बेचा जाता है। यहां बना पनीर, श्रीखंड, छाछ व अन्य आइटमों की भी बाजार में अच्छी खासी डिमांड है। कलाकंद भी सरस डेयरी बना रहा है और लगातार इसकी बिक्री बढ़ी है। अलवर ही नहीं अन्य शहरों से भी कलाकंद की डिमांड आ रही है। हालांकि लगातार दूध में मिलावट की शिकायतों की वजह से डेयरी प्रबंधन का नाम खराब हो रहा था। इस वजह से प्रबंधन कैमरे लगाने का निर्णय किया है, ताकि दूध में हो रही गड़बड़ियों को पकड़ा जा सके।