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खैरथल-तिजारा को 4 माह बाद मिला डीएम, 2018 बैच के IAS अतुल प्रकाश होंगे नए जिला कलेक्टर

राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए खैरथल-तिजारा जिले के लंबे इंतजार को आखिरकार खत्म कर दिया है।

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राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए खैरथल-तिजारा जिले के लंबे इंतजार को आखिरकार खत्म कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से देर रात जारी की गई 65 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में वर्ष 2018 बैच के युवा आईएएस अधिकारी अतुल प्रकाश को जिले की कमान सौंपी गई है। वे खैरथल-तिजारा के नए जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के रूप में जल्द ही कार्यभार संभालेंगे।

पहले रहे बीडा CEO

नवनियुक्त कलेक्टर अतुल प्रकाश के लिए खैरथल-तिजारा जिला और यहाँ की कार्यप्रणाली नई नहीं है। इससे पूर्व वे भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर तैनात थे। औद्योगिक क्षेत्र की बारीकियों और भौगोलिक परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ होने के कारण उनकी इस नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक माना जा रहा है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह की ओर से जारी आदेशों के बाद अब जिले को एक ऐसा नेतृत्व मिला है जो स्थानीय समस्याओं की गहरी समझ रखता है।

चार महीनों से रिक्त चल रहा था पद

उल्लेखनीय है कि खैरथल-तिजारा जिले में कलेक्टर का पद पिछले चार महीनों से रिक्त चल रहा था, जिससे प्रशासनिक कामकाज की गति काफी धीमी पड़ गई थी। 28 नवम्बर 2025 को तत्कालीन कलेक्टर किशोर कुमार का अचानक तबादला राजस्व मंडल अजमेर के सदस्य पद पर कर दिया गया था।

उनका यह तबादला उस समय प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना था, क्योंकि मुख्य सूची के कई दिनों बाद उनके लिए पृथक आदेश जारी हुआ था। उनके जाने के बाद से ही अलवर जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला खैरथल-तिजारा का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही थीं। दो जिलों की दोहरी जिम्मेदारी होने के कारण जनता को अपने छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।

आमजन में ख़ुशी

स्थायी कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिले के विकास प्रोजेक्ट्स और जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसे लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की ओर से लगातार स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई जा रही थी। अब अतुल प्रकाश की नियुक्ति के साथ ही यह मांग पूरी हो गई है। जिले के लोगों को उम्मीद है कि एक युवा अधिकारी के आने से न केवल प्रशासनिक कार्यों में कसावट आएगी, बल्कि लंबित पड़े विकास कार्यों और जनसुनवाई जैसे मुद्दों को भी नई संजीवनी मिलेगी। देर रात सूची में नाम आते ही जिले के प्रशासनिक गलियारों और आमजन में सकारात्मक उत्साह देखा जा रहा है।