अलवर लोकसभा उपचुनाव की चर्चा लगभग हर जुबां पर है। हर गली-मोहल्लों में चुनावों के लेकर चर्चा है। इसी चर्चा के बीच जानिए क्या सोचता है व्यापारी वर्ग।
अलवर. चुनाव में व्यापारियों की अहम भूमिका रहती है। इस बार लोकसभा उपचुनाव में मतदान को लेकर व्यापारी दो फाड़ हैं। व्यापारियों का एक वर्ग सरकार की नीतियों से नाराज है। उनकी नाराजगी मुख्यतय: नोटबंदी, जीएसटी एवं एक्साइज ड्यूटी को लेकर है। व्यापारियों में करीब दो साल पहले अलवर में व्यापारियों पर हुए लाठीचार्ज का गुस्सा अब भी है। वहीं, व्यापारियों का एक वर्ग सरकार के साथ है। पत्रिका ने बुधवार को लोकसभा उपचुनाव को लेकर विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया जानी। इस दौरान व्यापारियों की सरकार से नाराजगी और साथ उभरकर सामने आया। पेश है रिपोर्ट-
सरकार के चार साल के कार्यकाल में सबसे अधिक सर्राफा व्यापारी प्रताडि़त रहे हैं। जब सर्राफा पर एक्साइज ड्यूटी लगी, तब व्यापारियों ने 45 दिन तक सडक़ों पर संघर्ष किया, लेकिन सरकार ने उनकी नहीं सुनी। व्यापारी अब चुनाव में सरकार को सबक सिखाएंगे।
रमेशचंद सिंघल, अध्यक्ष सर्राफा व्यापार समिति अलवर
व्यापारी सरकार के चार साल के कामकाज से अंसतुष्ट हैं। एक ही व्यापार पर सरकार ने अलग-अलग कई टैक्स लगा दिए हैं। ईवे बिल लागू किया गया है। इससे व्यापारियों में गुस्सा हैं। उपचुनाव में व्यापारी सरकार को सही रास्ता दिखा सकते हैं।
रमेश जुनेजा, अध्यक्ष अलवर जिला व्यापार महासंघ।
व्यापारी सरकार के साथ थे और हैं। हमारी मांग है कि व्यापारियों पर चल रहा इंस्पेक्टर राज समाप्त हो। जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। एक बार टैक्स दे दिया तो उस पर दुबारा टैक्स की परम्परा बंद होनी चाहिए। हमने अपनी मांगों से सरकार को अवगत कराया है। उम्मीद है उन पर जल्द कोई फैसला होगा।
सुभाष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष अलवर जिला व्यापार महासंघ।
सरकार की नीतियों ने व्यापारियों को काफी नुकसान पहुंचा है। अब व्यापारी को कोई उधार नहीं देता। दो साल पहले अलवर में व्यापारियों पर लाठीचार्ज हुआ, जिसके केस आज भी चल रहे हैं। सच्चाई ये है कि व्यापारी सरकार से भरा बैठा है। वह अभी चाहे चुप रहे, लेकिन चुनाव में आईना जरूर दिखाएगा।
धर्मपाल तंवर, अध्यक्ष संयुक्त व्यापारी महासंघ अलवर।
व्यापारी सरकार के साथ है और पहले भी साथ रहा है। सरकार की नीतियों से छोटी-मोटी नाराजगियां चलती रहती हैं, जिन्हें मिल बैठकर दूर किया जा सकता है।
चन्द्रप्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष केड़लगंज व्यापार संघ अलवर।
पिछले सांसद जनता के बीच नहीं आए। हम चाहते हैं कि जो भी सांसद बने, वह जनता के बीच आए। व्यापारी हमेशा सरकार के साथ रहा है और इस बार भी सरकार के साथ है। हमारी मांग है कि जीएसटी का सरलीकरण हो। व्यापारियों पर शुरू किया गया इंस्पेक्टर राज समाप्त हो।
राजकुमार कोरजानी, अध्यक्ष रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन।