अलवर

अलवर में बढ़ रहा बंदरों का आतंक लेकिन नगर परिषद को लोगों की जान से ज्यादा प्यारे हैं 700 रुपए

अलवर में बंदरों को पकडऩे की टीम 700 रुपए मांग रही, इसलिए नगर परिषद उन्हें ठेका नहीं दे रहा है। बंदरों का शहर में आतंक बढ़ता जा रहा है।
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Jun 12, 2018
Monkeys terror in alwar, nagar parishad isn't giving contract
बंदर

अलवर. बंदरों के कारण आए दिन शहर के लोग घायल हो रहे हैं। कभी घोड़ाफेर चौराहा तो कभी मालवीय नगर में बंदर व लंगूरों के काटने से जनता डरी हुई है। जबकि नगर परिषद प्रशासन बंदरों को पकडऩे का ठेका नहीं कर पा रहा है। उनका कहना है कि बंदर पकडऩे वाली टीम 700 रुपए से कम में तैयार नहीं हो रही है। अब फिर से टेण्डर लगा रहे हैं।

सरस डेयरी के बाद मालवीय नगर में आतंक

इन दिनों कटी पूछ के लंगूर ने आतंक मचा रखा है। वह मौका देखकर आदमियों पर हमला बोलता है जिसके कारण पिछले सात दिन में कई दर्जन लोगों को घायल कर चुका है। लंगूरों की टोली के बीच में से चुपचाप निकलकर हमला करता है। एक दिन पहले पार्क में घूम रहे लोगों को काट दिया। उसके बाद से यहां आसपास के लोग डरे हुए हैं।

पहले बंदर का आतंक रहा

करीब दो माह पहले घोड़ाफेर चौराहे के आसपास बंदर का आंतक था जो घरों में घुसकर महिला व बच्चों को काट लेता था। यहां भी बंदर ने कई जनों को घायल किया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिसके कारण जनता का डर ही खत्म नहीं हो रहा है।

पुलिस भी खौफ में

कटी पूछ के लंगूर से अरावली विहार थाने की पुलिस भी खौफ में है। पुलिसकर्मी भी लंगूर के डर से पास में लठ्ठ लेकर खउ़े होते हैं। ताकि अचानक आने पर उसका मुकाबला किया जा सके। यह लंगूर डेयरी, मालवीय नगर व अरावली विहार थाने सहित आसपास के क्षेत्र में ही घूमता रहता है। कुछ लोग तो बंदरों को भगाने के लिए पटाखे भी चला
रहे हैं।

जल्दी नया टेण्डर

बंदर पकड़वाने के लिए जल्दी नया टेण्डर कर रहे हैं। अब इसमें विलम्ब नहीं होगा। कई जगहों से बंदर व लंगूरों के काटने की शिकायत मिली है। जिसके लिए वन विभाग के अधिकारियों से भी बात कर रहे हैं।
अशोक खन्ना, सभापति, नगर परिषद अलवर

Published on:
12 Jun 2018 09:16 am