
जिले में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। हमारे यहां 3 हजार से ज्यादा गाड़ियाँ हैं। यदि इनमें से कोई भी वाहन चुनाव ड्यूटी के लिए नहीं आता है, तो उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त परिणाम भुगतने होंगे। अलवर जिले में चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब 3300 वाहनों का अधिग्रहण किया गया है
परिवहन विभाग को करीब एक हजार छोटे वाहन मिले हैं। हमने मतदान दलों के लिए लगभग 1100 बसें, मिनी बसें, ट्रक, अलवर वाहिनी और 10 सीटों वाले वाहन भी हासिल किए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अपने उपयोग के लिए 1200 वाहनों का अधिग्रहण किया है। अब जब अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है तो वाहनों को चुनाव ड्यूटी में लगाया जा रहा है।
तीन वाहनों को नोटिस जारी
चुनाव प्रक्रिया के लिए अधिग्रहण किए गए तीन वाहन रिपोर्टिंग के लिए नहीं आए। परिवहन विभाग ने इन वाहनों के खिलाफ का कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से इन वाहनों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही एक वाहन का रूट परमिट निरस्त किए जाने के लिए भी लिखा गया है।
सख्त कार्रवाई होगी
जिला प्रादेशिक परिवहन अधिकारी सतीश चौधरी ने कहा है कि चुनाव ड्यूटी के लिए निर्धारित समय व स्थान पर रिपोर्टिंग नहीं करने वाले वाहनों एवं वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
एक साल की सजा और आरसी निरस्त
चुनाव में अधिग्रहण होने के बावजूद जो वाहन निर्धारित समय व स्थान पर रिपोर्टिंग नहीं देंगे उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। जिसमें वाहन मालिक को एक साल तक की सजा तथा वाहन का रजिस्ट्रेशन (आरसी) और रूट परमिट निरस्त किए जा सकते हैं।