अलवर

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों के लिए बना वरदान

Jul 11, 2025
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जिले के 33 हजार 418 बच्चों को हुआ उपचार

अलवर. चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलने वाला राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले के बच्चों के लिए जीवन दान देने वाला वरदान साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत अप्रेल से जून तक 33 हजार 418 बच्चों का उपचार कर उनके जीवन को सुरक्षित किया गया है।परिजनों ने बताया कि आंगनबाडी व स्कूलों में बच्चों की जांच हुई तो पता चला कि किसी के दिल में छेद है और किसी के गांठ है हम तो यह बात सुनकर ही घबरा गए, आर्थिक तंगी के चलते हम निजी अस्पतालों में उपचार नहीं करवा सकते, ऐसे में विभाग ने हमें सहारा दिया तो आज बच्चों का इलाज संभव हुआ है।

\स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की हुई स्क्रीनिंग

खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी मालाखेडा डा.लोकेश मीणा ने बताया कि मालाखेड़ा टीम अ में कार्यरत डा. अनिल कुमार जैन एवं फार्मासिस्ट आशीष मांडैया की ओर से विभन्न सरकारी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र पर स्क्रीनिंग कर गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को उच्च संस्थान पर रैफर किया गया एवं सीएमएचओ डा. योगेंद्र शर्मा, आरसीएचओ डा. मंजू शर्मा एवं एडीएनओ डा. अरविंद कुमार के सहयोग से इस नवीन सत्र अप्रेल से अब तक 3 सर्जरी कराई गई है।

फैक्ट फाइल

अप्रेल से जून वर्ष 2024-25 -- 33418

रैफर किए बच्चों की संख्या - 752

सर्जरी 7

बलदेव बास की रूही नाम की बालिका की दिल में छेद था जिसे सीचडी कहा जाता है। परिवार इलाज कराने में असमर्थ था इसकी 4 जुलाई को इंडस हास्पिटल जयपुर में सर्जरी कराई गई । इसके बाद बच्ची धीरे धीरे सही हो रही है।केस - 2कटोरी वाला तिबारा- 2 आंगनबाडी पर आने वाली उर्वशी को कमर में सिस्ट यानि गांठ थी। जिसको टीम ने चिंहित किया और जयपुर के बांगड अस्पताल में सर्जरी कराई गई। जिसके बाद बालिका पहले से ठीक है।केस -3पटेल नगर आंगनबाड़ी पर एक होठ और तालु कटे बच्चे की मई माह में अभिषेक हास्पिटल जयपुर में सर्जरी कराई गई और बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। परिजनों ने चिकित्सा विभाग का आभार जताया।

Updated on:
11 Jul 2025 11:44 am
Published on:
11 Jul 2025 11:44 am