इस बार अधिक मास के दौरान विशेष धार्मिक संयोग बन रहा है। 25 मई को एक साथ नौतपा और गंगा दशहरा पड़ रहे हैं, जिससे धार्मिक आयोजनों और दान-पुण्य का महत्व बढ़ गया है। शहर के गंगा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अलवर. इस बार अधिक मास के दौरान विशेष धार्मिक संयोग बन रहा है। 25 मई को एक साथ नौतपा और गंगा दशहरा पड़ रहे हैं, जिससे धार्मिक आयोजनों और दान-पुण्य का महत्व बढ़ गया है। शहर के गंगा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मान्यता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आने वाले समय में वर्षा उतनी ही अच्छी होती है। वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यदि इन दिनों बारिश हो जाए तो मानसून कमजोर रहने की संभावना मानी जाती है।
पंडित तपेश अवस्थी के अनुसार, ज्येष्ठ मास में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा आरंभ होता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ने से भीषण गर्मी और लू का प्रभाव बढ़ जाता है। रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि का नक्षत्र माना जाता है, जिसका स्वामी चंद्रमा है। अधिक मास में पड़ने के कारण इस बार नौतपा में दान-पुण्य का महत्व और भी बढ़ गया है।
25 मई को श्री त्रिपोलिया महादेव मंदिर में हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान त्रिपोलेश्वर नाथ का अभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को निशुल्क गंगाजल वितरण, महाआरती और प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।
नाडिया वैद्य हनुमान मंदिर समिति की ओर से 25 मई को विशाल ध्वजा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा शाम 5 बजे सेढ का टीला मन्नी का बड़ क्षेत्र से शुरू होकर चर्च रोड और मंडी मोड़ होते हुए नाडिया वैद्य हनुमान मंदिर पहुंचेगी। यात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. के.के. गुप्ता ध्वजा लहराकर करेंगे।