
कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने टास्क फोर्स कमेटी गठित की
अलवर जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और राज्य राजमार्गों (State Highways) के किनारे होने वाले अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों पर अब प्रशासन का बुलडोजर चलने के आसार नजर आ रहे हैं। हाईवे के आसपास होने वाले बेतरतीब अतिक्रमण न सिर्फ यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि कई बार बड़े और दर्दनाक सड़क हादसों की वजह भी बनते हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब एक बड़ा कदम उठाया है।
जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आर्तिका शुक्ला के अनुसार जिले के सभी मुख्य राजमार्गों की सुरक्षा और उनकी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए 'जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स कमेटी' बनाई गई है। यह हाई-लेवल कमेटी मुख्य रूप से हाईवे की तय सीमा यानी राइट ऑफ वे (ROW), बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन के भीतर आने वाले सभी अवैध या अनाधिकृत निर्माणों और अतिक्रमणों की पहचान करेगी। एक बार इन अवैध कब्जों को चिन्हित करने के बाद इन्हें पूरी तरह से हटाने का काम भी इसी टास्क फोर्स की निगरानी में किया जाएगा।
हाईवे को अतिक्रमण मुक्त बनाने का यह काम बेहद बड़े स्तर पर होने जा रहा है, इसलिए इस कमेटी में जिले के तमाम बड़े विभागों के आला अधिकारियों को शामिल किया गया है। गठित की गई इस स्पेशल टास्क फोर्स की कमान खुद जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के हाथों में होगी, जो इसकी अध्यक्ष हैं।
इसके अलावा कमेटी में अलवर जिला पुलिस अधीक्षक (SP), नगर विकास न्यास (UIT) के सचिव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), नगर निगम आयुक्त, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जयपुर के परियोजना निदेशक को सदस्य बनाया गया है। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता, रिडकोर के परियोजना निदेशक, और आरएसआरडीसी (RSRDC) अलवर के परियोजना निदेशक भी इसके मुख्य सदस्य होंगे। इस पूरी टीम में तालमेल बिठाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अक्सर देखा जाता है कि लोग हाईवे के किनारे दुकानें, ढाबे या पक्के मकान बनाकर सड़क की चौड़ाई को कम कर देते हैं। इस टास्क फोर्स के सक्रिय होने से अब ऐसे सभी अवैध कब्जे हटेंगे। इससे न केवल हाईवे चौड़े और साफ दिखेंगे, बल्कि तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के लिए ड्राइविंग सुरक्षित होगी और सड़क हादसों में काफी कमी आएगी।
Updated on:
22 May 2026 01:45 pm
Published on:
22 May 2026 01:45 pm
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