
अलवर. एनसीआर के तहत अलवर में विजय मंदिर से आगे पड़ीसल से घाटला होते हुए खैरथल तक बनाई जा रही 47.93 करोड़ रुपए की 28 किलोमीटर की सडक़ में बड़ी लीपोपोती हो रही है। इसकी जनप्रतिनिधियों के बजाय जनता शिकायत कर रही है। उसके बाद पीडब्ल्यूडी एनसीआर के अधिकारियों ने मौका देखकर कुछ किलोमीटर की सडक़ को बीच-बीच में उखड़वाई और उस पर पेचवर्क कराया है। हालांकि अभी सडक़ का निमार्ण कार्य जारी है। कई जगहों पर डामर तो कुछ जगहों पर सीसी रोड बन रही है।
एनसीआर के प्रोजेक्ट के तहत अलवर के विजय मंदिर के आगे पड़ीसल-घाटला वाया हरसौली खैरथल रोड का प्रोजेक्ट 47.93 करोड़ रुपए का है। सडक़ का निर्माण कार्य करीब तीन महीनों से चल रहा है। घाटला खैरथल के बीच में निम्बेडा व झाड़ाली के बीच में सडक़ बनाने से पहले ही बिखरने लग गई। पिछले दिनों आई बारिश में सडक़ की रोडिय़ां डामर के साथ बह गई। कई जगहों से तो पूरी सडक़ छलनी हो गई। इसका कारण रोडिय़ों में कोलतार की मात्रा काफी कम होना माना जा रहा है।
फिर नियमानुसार सडक़ बनाने का काम नहीं हुआ। जिसके कारण सडक़ टूटती गई। निम्बेडा के इजाजुद्दीन व सलीम ने बताया कि हम पैदा हुए तब से यह सडक़ टूटी ही पड़ी है। अब करीब 30 सालों के बाद में सडक़ बनने का कार्य हो रहा है। उसमें भी इस तरह की लीपापोती सामने आ रही है। कई जगह से उद्घाटन से पहले ही सडक़ के चिथड़े उड़ चुके हैं।
शिकायत के बाद अधिकारी आए
यहां के लोगों ने पिछले दिनों शिकायत की। इसके बाद पीडब्ल्यूडी एनसीआर के अधिकारियों ने मौका देखा। सडक़ की गुणवत्ता को घटिया मानते हुए बीच-बीच में से रोडिय़ों को उखड़वाया। वहां अब भी पेचवर्क है। उसर पर अब दूसरी लेयर डाली जा रही है। जानकारों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता होती तो सडक़ बिखरती नहीं। घाटिया सडक़ बनाने का उदाहरण सबके सामने है रविवार को भी वहां एक डम्पर के टायर ही सडक़ में धंसते गए। उसके बाद सडक़ को ठीक किया गया।
सडक़ टूटने की शिकायत मिली है
पड़ीसल से घाटला के बीच कुछ जगह पर सडक़ के टूटने की शिकायत मिली। मौके पर जाकर जांच की गई। कुछ जगहों पर सडक़ को ठीक किया गया है। सडक़ निर्माण का कार्य अभी चल रहा है।
राजेन्द्र शर्मा, एईएन, एनसीआर पीडब्ल्यूडी अलवर