सुनवाई के दौरान निर्माणाधीन होटल मालिक के वकील ने मौका कमिश्नर की रिपोर्ट को आधारहीन बता दिया। साथ ही कई बिंदुओं की रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की।
नटनी हैरिटेज होटल के मामले में सोमवार को एडीएम कोर्ट प्रथम में हुई सुनवाई के दौरान निर्माणाधीन होटल मालिक के वकील ने मौका कमिश्नर की रिपोर्ट को आधारहीन बता दिया। साथ ही कई बिंदुओं की रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की। कहा कि दूसरा मौका कमिश्नर नियुक्त करके पैमाइश कराई जाए।
साथ ही इलेक्ट्रॉनिक यंत्र से पैमाइश हो। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि मौका कमिश्नर की रिपोर्ट सभी विभागों की मौजूदगी में हुई है, तो वह झूठी कैसे हो सकती है? इस आरोप का जवाब वह सुबूत के साथ देंगे। अब कोर्ट में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
एडीएम प्रथम धीरज शर्मा की कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान निर्माणाधीन होटल मालिक के वकील ने कहा कि मौके की वास्तविक पैमाइश नहीं की गई। नजरी नक्शे में विवादित स्थल खसरा नंबर 752, 753, 754 दर्शाए गए, जबकि दावे में विवादित स्थल गैर मुमकिन नाला खसरा नंबर 172 नया खसरा 373 प्लीड किया गया है। इन खसरों की मौके पर पैमाइश नहीं कराई गई। संवत 2020 का नक्शा पेश किया गया, जिसमें नाला खसरा नंबर 172 में दर्शा रखा है।
इस नाले की कोई पैमाइश कमिश्नर की ओर से नहीं की गई। नक्शे में पीले रंग की जायदाद को खसरा नंबर 754 में दर्शाया गया, लेकिन खसरा नंबर 754 का रकबा कहां तक स्थित है, यह नक्शे में नहीं दर्शाया गया। मौका कमिश्नर ने खसरा नंबर 752 व 753 का रकबा कहां तक फैला हुआ है, यह अंकित नहीं किया। 10 बिंदुओं का हवाला देते हुए मौका कमिश्नर की रिपोर्ट को झूठी करार दिया।
यह दिया जवाब: सरकारी वकील ने कहा, तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पैमाइश की गई थी।
नटनी हैरिटेज के वकील ने जिस तरह कोर्ट में प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। अब चर्चा होने लगी कि यह केस पलट सकता है। प्रशासन को कहीं दांव उल्टा न पड़ जाए। भू-रूपांतरण के मामले में संभागीय आयुक्त ने यूआईटी से फाइल तलब कर रखी है। इस पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होगी। वहीं, प्रशासन भी अपनी जगह अडिग है। कई सुबूत वह भी पेश कर रहा है।