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अलवर में नाइट टूरिज्म शुरू हो तो पर्यटन को लगेंगे पंख, प्रतिवर्ष आते हैं लाखों पर्यटक

सीलिसेढ, सागर व लाल डिग्गी में लेजर लाइट व म्यूजिकल फाउंडेन के हो प्रयास अलवर.जिले में पर्यटक स्थलों की भरमार है। यहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं। जयपुर, उदयपुर् जोधपुर, चित्तौडगढ व कोटा में नाइट टूरिज्म के लिए काम काम चल रहा है। यहां पर नाइट टूरिज्म को लेकर संभावनाओं को देखते हुए नय प्रयोग भी किए जा रहे हैं।

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Jun 16, 2023
अलवर में नाइट टूरिज्म शुरू हो तो पर्यटन को लगेंगे पंख, प्रतिवर्ष आते हैं लाखों पर्यटक

सी तरह से अलवर में भी पर्यटक स्थलों पर नाइट टूरिज्म के लिए काम किया जाए तो पर्यटकों की संख्या बढे़गी और आय के साधन व रोजगार के अवसर भी बढे़गे।

पर्यटकों की राह हुई आसान

गौरतलब है कि अलवर में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। यदि पर्यटन के क्षेत्र में कुछ नए प्रयोग किए जाए तो पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर आज तक कोई प्रस्ताव नाइट टूरिज्म को लेकर नहीं हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली व राज्य की राजधानी जयपुर के बीच में होने, अलवर में वंदे भारत ट्रेन व दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद पर्यटकों के लिए यहां आने की राह और भी आसान हो गई है।

नाइट टूरिज्म के लिए लिखा पत्रसामाजिक कार्यकर्ता चर्चित कौशिक ने अलवर में सीलिसेढ़, लाल डिग्गी व सागर जलाशय में लाइट लेजर शो व फाउंडेन शो लगाकर नाइट टूरिज्म शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को पत्र लिखा है।

पर्यटन से मिलेगा राजस्वराज्य सरकार की ओर से नए जिले बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए जिले बनने के बाद अलवर में खैरथल और कोटकासिम व बहरोड जिलों में शामिल हो जाएंगे। ऐसे में अलवर में आय के स्रोत भी कम हो जाएंगे। आने वाले समय में अलवर में पर्यटन से राजस्व मिलने की उम्मीदें बढ़ी हैं क्योंकि यहां बडी संख्या में किले, हवेलिया, पहाडियां व पुरा सामग्री है। जिनको देखने के लिए पर्यटक यहां आते हैं।

फैक्ट फाइल

सन पर्यटकों की संख्या

2018 289627

2019 490469

2020 208204

2021 374041

2022 663336

2023 431531 जनवरी से अप्रेल 2023

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अलवर में नाइट टूरिज्म को लेकर अभी कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। यहां पर ऐतिहासिक व पुरा स्मारक बहुत अधिक है , इसके चलते यहां संभावनाएं अधिक है। प्रयास किए जाएंगे।टीना यादव, सहायक निदेशक, पर्यटन विभाग, अलवर।

Published on:
16 Jun 2023 09:44 pm
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