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नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में भड़का श्रमिक असंतोष: कंपनी के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि व सुविधाओं को लेकर चल रहे श्रमिक आंदोलनों की सुगबुगाहट अब राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक हब नीमराणा तक पहुंच गई है।

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Apr 20, 2026
श्रमिकों से समझाइश करते पुलिस अधिकारी (फोटो - पत्रिका)

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि व सुविधाओं को लेकर चल रहे श्रमिक आंदोलनों की सुगबुगाहट अब राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक हब नीमराणा तक पहुंच गई है। बीते कुछ दिनों से औद्योगिक इकाइयों में छिटपुट विरोध के बाद, अब रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को श्रमिकों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। ईपीआईपी (EPIP) क्षेत्र स्थित एक विनिर्माण कंपनी में श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है।

क्या है मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीमराणा के इंडियन जोन में स्थित 'हिलोस सेंट' निर्माता कंपनी के श्रमिक अपनी वेतन वृद्धि और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लंबे समय से लामबंद थे। प्रबंधन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, आक्रोशित श्रमिकों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। श्रमिक लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया है।

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के इंतजाम

श्रमिकों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कंपनी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और प्राथमिकता यह है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे।


प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारी श्रमिकों के साथ लगातार संवाद (वार्ता) करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि वे मांगों पर विचार कर रहे हैं और आपसी बातचीत से समाधान निकालने की दिशा में प्रयासरत हैं ताकि उत्पादन प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

नीमराणा में पिछले तीन-चार दिनों में कुछ अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी विरोध और हल्की झड़पों की खबरें सामने आई थीं, जिन्हें प्रशासन और प्रबंधन ने समय रहते समझाइश कर शांत करा दिया था। सूत्रों के अनुसार, जापानी जोन की कुछ कंपनियों में भी श्रमिकों में असंतोष की दबी आवाजें उठ रही हैं।


जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते श्रमिकों की जायज मांगों पर प्रबंधन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह असंतोष व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल, पूरे औद्योगिक क्षेत्र में शांति है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन ने सभी कंपनियों को श्रमिकों के साथ बेहतर संवाद रखने के निर्देश दिए हैं।

Published on:
20 Apr 2026 12:13 pm
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