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Rajasthan: अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला

अलवर जिले में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग का सख्त अभियान उस समय हिंसक हो गया जब कार्रवाई करने पहुंची टीम को दबंगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

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फोटो - घटनास्थल

अलवर जिले में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग का सख्त अभियान उस समय हिंसक हो गया जब कार्रवाई करने पहुंची टीम को दबंगों के विरोध का सामना करना पड़ा। धौलागढ़ क्षेत्र में पत्थर माफियाओं ने न केवल वन विभाग की टीम के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि सरकारी काम में बाधा डालते हुए वनकर्मी का मोबाइल, आईडी कार्ड और नकदी भी छीन ली। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

मुखबिर की सूचना पर मिली थी कामयाबी

क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) रवि सिंह भाटी ने बताया कि उन्हें मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि ग्राम सहाड़ी की वन भूमि से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर पत्थरों का परिवहन किया जा रहा है। इस सूचना पर रेंजर रवि सिंह भाटी के नेतृत्व में सहायक वनपाल महेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार बैरवा, डालचंद जोगी और वन रक्षक रामवीर सिंह व दिनेश कुमार यादव की टीम एक निजी वाहन से मौके पर पहुंची।

पीछा कर पकड़ा था ट्रैक्टर, फिर हुआ हमला

टीम ने धौलागढ़ देवी के रास्ते में पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को आते देखा। टीम द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने वाहन की रफ्तार तेज कर दी और इमरती का बास की तरफ भागने लगा। वन विभाग की टीम ने साहस दिखाते हुए पीछा किया और ट्रैक्टर को एक खेत में घेर लिया।

जैसे ही टीम ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ा, तभी आरोपी सतवीर गुर्जर अपने 4-5 साथियों के साथ कार से वहां पहुंच गया। आरोपियों ने आते ही टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और सरकारी काम में बाधा डालते हुए धक्का-मुक्की की।

मोबाइल और आईडी कार्ड छीनकर हुए फरार

रेंजर रवि सिंह भाटी के अनुसार, आरोपियों ने इतनी दबंगई दिखाई कि वे जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ले गए। इस दौरान, घटना का वीडियो बना रहे वनरक्षक रामवीर सिंह का मोबाइल फोन, उनका सरकारी आईडी कार्ड और जेब में रखी नकदी भी आरोपी छीन ले गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।


इस मामले में रेंजर रवि सिंह भाटी ने धौलागढ़ देवी थाने में नामजद सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और लूटपाट की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अवैध खननकर्ताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।