अलवर

अलवर जिले के इस सरकारी अस्पताल में चलती है स्टाफ की मनमानी, इलाज के लिए होना पड़ता है परेशान

खैरथल के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को पर्ची कटवाने, जांच करवाने, व दवा लेने के लिए खाने पड़ते हैं धक्के। स्टाफ अपनी जगह पर नहीं मिलते।
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Apr 23, 2018
No facilities in khairthal general hospital

वैसे तो सरकारी अस्पतालों में सरकार का नियम चलता है, लेकिन अलवर जिले के खैरथल अस्पताल में यहां के स्टाफ के नियम चलते हैं। यही कारण है अस्पताल में कर्मचारी अपने मन मुताबिक आते हैं और मर्जी से मरीजों का इलाज करते हैं। इस कारण लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है।

किशनगढ़बास, तिजारा, बहरोड़ व थानागाजी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तुलना में खैरथल सीएचसी में मरीजों का दबाव कम रहता है। यही कारण है कि सीएचसी का ज्यादातर स्टाफ अपनी डयूटी पर नहीं मिलता। मरीजों की आए दिन इस सम्बन्ध में शिकायतें भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिलती रहती हैं। शनिवार को एक व्यक्ति पत्नी के पैरों के इलाज के लिए सीएचसी पहुंचा। महिला के पैरों में ज्यादा तकलीफ होने से वह एक ओर बैठ गई और व्यक्ति इलाज के लिए पर्ची बनवाने काउंटर पहुंचा। इस पर पर्ची बनाने के कार्य पर लगे कर्मचारी ने कहा कि मरीज को लेकर आओ। इस पर व्यक्ति ने कहा कि वह खड़ी नहीं हो सकती और न ही चल पा रही है। इस पर कर्मचारी ने कहा कि जब तक मरीज नहीं आएगा, पर्ची नहीं बनेगी। जबकि स्वास्थ्य विभाग में ऐसा कोई नियम नहीं है कि मरीज खुद पर्ची बनवाएगा। इसी तरह से एक अन्य मरीज सुबह इलाज के लिए पहुंचा तो, वहां स्टाफ नहीं था। इलाज के लिए मरीज कई घंटों तक परेशान होता रहा।

जानकार व रिश्तेदारों के लिए कोई नियम नहीं

सीएचसी में कार्यरत कर्मचारी उसी समय अपने रिश्तेदारों व जानकारों की बिना किसी नियम के सीधे ही डॉक्टस के पास ले जाकर जांच करा रहे थे। ऐसे मरीजों को न पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर जाने की आवश्यकता पड़ी और न ही चिकित्सक के पास लाइन में खड़ा होने की।

कोठरी में चल रही है मोर्चरी

खैरथल के सरकारी अस्पताल में एक कोठरी में मोर्चरी चल रही है। उस कोठरी के खस्ता हाल हैं। गेट टूटा हुआ है, तो प्लास्टर झड़ रहा है। अंदर चूहों का कब्जा है। ऐसे में शवों का सुरक्षित रह पाने में संदेह है।

नहीं मिलती दवा

सीएचसी में मरीजों को पूरी दवाएं नहीं मिलती है। पर्ची में लिखी एक व दो दवाएं ही मिल पाती हैं। अन्य दवाओं के लिए मरीज को निजी स्टोर पर जाना पड़ता है।

मिल रही थी शिकायत

सरकारी अस्पताल की जांच कराई जाएगी। वहां काम करने वाले कर्मचारियों को पाबंद किया जाएगा। लम्बे समय से शिकायतें मिल रही हैं। जिसकी गड़बड़ी मिलेगी, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. एसएस अग्रवाल, सीएमएचओ, अलवर

Published on:
23 Apr 2018 08:58 am