अलवर

बहरोड़ में बीमार उद्योगों को राहत देने के लिए नहीं किए प्रयास, मंत्री के होते हुए भी नहीं हो पा रहा औधोगिक विकास

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Oct 05, 2018
No industrial Development in Behror Alwar
बहरोड़ में बीमार उद्योगों को राहत देने के लिए नहीं किए प्रयास, मंत्री के होते हुए भी नहीं हो पा रहा औधोगिक विकास

बहरोड़. बहरोड़ के रीको उद्योग क्षेत्र की स्थापना के समय 30 वर्ष पूर्व लगे सीमेंट के मिनी प्लांट व ग्रेनाइट की तीन दर्जन से अधिक इकाईयां समय के साथ धीरे-धीरे बंद हो गई कुछ जो चल रही वह भी अच्छी हालत में नहीं है। यहां पर लम्बे समय से बीमार पड़े उद्योग क्षेत्र को दुबारा से पुनर्जीवित करने की दिशा में यहां के जनप्रतिनिधियों व केन्द्र व राज्य सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है जिसके चलते उद्योग क्षेत्र की हालत दयनीय बनी हुई है। जन प्रतिनिधियों ने बीमार उद्योग क्षेत्र की हालत सुधारने के लिए कभी ध्यान तक देना उचित नहीं समझा जिससे यहा पर बड़े उद्योग नहीं आ सके जबकि शाहजहांपुर, नीमराणा से पहले का उद्योग क्षेत्र बहरोड़ है फिर भी इसके विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है। इसके चलते बहरोड़ उद्योग क्षेत्र का नाम गुम सा गया है। उद्योग क्षेत्र में बंद पड़े उद्योगों से उजड़े हुए उद्योग क्षेत्र की कहानी साफ नजर आती है।

अब व्यवसायिक हो रहा विकास

उद्योग क्षेत्र में उद्योगों को बंद होने के बाद खाली प्लाटों में आवासीय योजनाएं बना कर आवासीय व व्यवसायिक उपयोग बढ़ रहा है जिससे उद्योगों का विस्तार नही हो पाएगा।

अब हंै नाम के उद्योग

उद्योग क्षेत्र में एक बड़ी प्लाई कम्पनी, एक दवा, आधा दर्जन सीमेंट,आधा दर्जन पाइप फैक्ट्री सहित कुछ छोटे उद्योग हंै जो चल रहे हैं बस। जो चल रहे है उनमें भी लगातार कटौती की जा रही है।

हजारों का रोजगार छीना

बहरोड़ उद्योग क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग बंद होने या काम कम होने के कारण अब तक हजारों लोग रोजगार छीनने के कारण श्रमिक को यहां से जाना पड़ा। कुछ उद्योगों में नोटबंदी के बाद हालत खराब होने से बंद हो गए थे जिसका असर भी उद्योगों पर पड़ा है।

Published on:
05 Oct 2018 05:56 pm